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Upsc Result : खुद पर भरोसा और कठिन परिश्रम से मिली सफलता, गोरखपुर के अर्पित ने हसिल की 54वी रैंक

यूपीएससी परीक्षा का परिणाम सोमवार को घोषित कर दिया गया । इसमें गोरखपुर के अर्पित गुप्ता ने देश में 54 वी रैंक हासिल की है।

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खुद पर भरोसा और कठिन परिश्रम से किसी भी मंजिल को पाया जा सकता है। इसका जीता-जागता उदाहरण हैं गोरखपुर के अर्पित गुप्ता। जिन्होने दूसरे प्रयास में यूपीएसी की परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्होने देश में 54 वी रैंक हासिल की है।
अर्पित ने बताया कि मैंने, खुद के बनाए नोट्स पर भरोसा किया। घर पर रहकर पढ़ाई शुरू की। संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक और मेन की परीक्षा दी। दूसरे प्रयास में कामयाब हो गए।


किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए सबसे पहले कोर्स को समझें और सेल्फ स्टडी पर ध्यान दें। कोचिंग सेंटरों के चक्कर में मत फंसें। ऑनलाइन बहुत सारी पाठ्य सामग्री उपलब्ध है, उसका अध्ययन करें। मैंने ऐसा ही किया और कामयाबी हासिल की है। सफलता का यह मूलमंत्र संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की अंतिम परीक्षा में आल इंडिया 54वीं रैंक हासिल करने वाले अर्पित गुप्ता ने दिया है। रैंक के हिसाब से अर्पित को आईएएस कैडर मिलना तय है।

आईआईटी रुड़की से बीटेक करने वाले अर्पित गुप्ता ने दूसरे प्रयास में ही कामयाबी हासिल की है। मैथमेटिक्स विषय से प्रतियोगी परीक्षा देने वाले अर्पित का कहना है कि आईएएस बनकर गरीब बच्चों को शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना है। सरकारी स्कूलों की पढ़ाई को और बेहतर बनाना ही मकसद है। सच कहूं तो यही दो मुद्दे ऐसे हैं, जिनसे मुझे आईएएस बनने की प्रेरणा मिली है।


अर्पित बचपन से ही मेधावी रहे हैं। उन्होंने आईटी रुड़की से मेकैनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई 2019 में पूरी की। इसके बाद तीन महीने तक गुडगांव की एक कंपनी में अच्छे वेतन पैकेज पर नौकरी भी की। लेकिन, उनका मन नौकरी में नहीं लगा। दरअसल, अर्पित के भीतर कुछ और ही चल रहा था। वे कहते हैं, मेरे घर के पास ही प्राथमिक स्कूल है। अक्सर देखता था कि बच्चे स्कूल में पढ़ते नहीं थे। जब भी गरीबों के बच्चों को देखता था तो बेचैन रहता था।


मेरा मानना है कि सिस्टम को सुधारने और स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने में योगदान करना चाहिए। यही संकल्प लेकर निजी कंपनी की नौकरी छोड़ दी और आईएएस बनने की मुहिम में जुट गया।