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इन बाहुबलियों के ताल ठोकने से योगी के गढ़ में रोचक होगा मुकाबला

Mission 2019

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Bahubali

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नए साल के आगाज के साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव खातिर सभी राजनैतिक दल व टिकट के दावेदार चुनावी मोड में आ चुके हैं। पूर्वांचल की राजनीति में अपनी दमदार धमक रखने वाले बाहुबली भी चुनाव में पूरे दमखम के साथ ताल ठोकने को तैयार हैं। अधिकतर किसी न किसी राजनैतिक दल का झंडाबरदार बने हुए हैं। हालांकि, इन बाहुबलियों के चुनावी रणक्षेत्र में उतरने से कईयों का राजनैतिक समीकरण बिगड़ने का अंदेशा सताने लगा है।

गोरखपुर-बस्ती मंडल की नौ लोकसभा सीटों में करीब आधा दर्जन लोकसभा सीटों पर मुकाबला इस बार रोचक होने जा रहा है। इन लोकसभा सीटों पर पूर्वांचल के चर्चित बाहुबली/दबंग राजनेता अपना भाग्य आजमाने जा रहे हैं।
पूर्वांचल के बाहुबली पूर्व मंत्री पंडित हरिशंकर तिवारी के परिवार से इस बार दो लोग लोकसभा चुनाव की तैयारियों में है। संतकबीरनगर लोकसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद कुशल तिवारी इस बार भी चुनाव मैदान में होंगे। वह बहुजन समाज पार्टी के बैनर तले तैयारियां कर रहे हैं। कुशल तिवारी पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के बड़े पुत्र हैं। संतकबीर नगर से सांसद रह चुके भीष्म शंकर तिवारी उर्फ कुशल तिवारी पिछला लोकसभा चुनाव हार गए थे। इसी परिवार के गणेश शंकर पांडेय भी महराजगंज लोकसभा सीट पर चुनाव की तैयारी में लगे हुए हैं। विधान परिषद के पूर्व सभापति रह चुके गणेश शंकर पांडेय पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के भांजे हैं।
पूर्वांचल के बाहुबली नेताओं में पूर्व सांसद बालेश्वर यादव का नाम भी दशकों से शुमार है। कई बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके बालेश्वर यादव की छवि यूपी के दबंग नेताओं में होती है। मुलायम सिंह यादव के अतिखास रहे बालेश्वर यादव को मिनी मुख्यमंत्री के रूप में जाना जाता था। सपा से बगावत कर निर्दल ही लोकसभा चुनाव जीत चुके बालेश्वर यादव इस बार समाजवादी पार्टी के बैनर तले चुनाव मैदान में उतरेंगे। वह देवरिया/कुशीनगर दोनों लोकसभा क्षेत्रों में समान रूप से सक्रिय हैं।
महराजगंज से सांसद रह चुके अखिलेश सिंह भी महराजगंज संसदीय क्षेत्र में सक्रिय हैं। पूर्व सांसद के भाई मुन्ना सिंह भी नौतनवा से विधायक रह चुके हैं। इस परिवार की गिनती भी क्षेत्र के बाहुबलियों में होती है।
पूर्व सांसद अखिलेश सिंह के धुर विरोधी बाहुबली पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का भी परिवार महराजगंज लोकसभा क्षेत्र में सक्रिय है। पूर्व मंत्री के भाई अजीत मणि इस बार भी लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए सक्रिय हैं। सपा से एक बार भाग्य आजमा चुके अजीत मणि त्रिपाठी इस बार शिवपाल यादव की पार्टी से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।
संतकबीरनगर के दबंग पूर्व सांसद भालचंद यादव इस बार समाजवादी पार्टी से सक्रिय हैं। भाजपा शासन में कई बार जबरिया ही पुल/सड़क या किसी प्रोजेक्ट के उद्घाटन को लेकर वह क्षेत्र में चर्चित रहे हैं।
समाजवादी पार्टी की सरकार में सबसे प्रभावशाली बाहुबली मंत्री राजकिशोर सिंह इस बार खुद बस्ती लोकसभा क्षेत्र से भाग्य आजमा सकते हैं। हरैया से विधायक रह चुके राजकिशोर सिंह की सपा सरकार में तूती बोलती थी। पूर्वांचल में अधिकारियों के ट्रांसफर पोस्टिंग से लेकर कोई काम उनकी इजाजत के बगैर नहीं होता था। पंचायत चुनावों में गोरखपुर-बस्ती मंडल में सपा प्रत्याशियों की जीत के लिए खास तौर पर उनको लगाया गया था। 2014 के लोकसभा चुनाव में उनके भाई बृजकिशोर सिंह उर्फ डिंपल दूसरे नंबर पर रहे थे। जीते हुए प्रत्याशी को प्रचार तक में पापड़ बेलने पड़े थे।
बांसगांव लोकसभा क्षेत्र में कमलेश पासवान भाजपा की टिकट पर फिर चुनाव मैदान में होंगे। बाहुबली पूर्व विधायक स्वर्गीय ओम प्रकाश पासवान के सुपुत्र कमलेश पासवान की भी गिनती क्षेत्र के दबंग राजनेताओं में होती है।
कुशीनगर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी में बाहुबली पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह भी चुनाव मैदान में उतरने को तैयारी में लगे हुए हैं।