गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में गाइनी की एक जूनियर डॉक्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। कॉलेज प्रशासन इसे आत्महत्या करार दे रहा तो मृतका के परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। फिलहाल पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में लगी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट व जूनियर डॉक्टर की डायरी से पुलिस हत्या या आत्महत्या का सच जानने में लगी है। उधर, परिजनों ने हत्या किये जाने की आशंका जाहिर करते पुलिस को तहरीर दी है. परिजनों ने बीआरडी मेडिकल कालेज प्रशासन पर असहयोग का भी आरोप लगाया है। डॉक्टर के पिता और भाई ने एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज से मामले की निष्पक्ष जांच के लिए गुहार लगाई है।
बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले सेवानिवृत बैंककर्मी विजय कान्त झा की बेटी आरती झा बीआरडी मेडिकल कालेज के गाइनी विभाग में जूनियर डॉक्टर (जेआर-3) है। वह कैंपस के ही इंदिरा हॉस्टल के कमरा नंबर 35 में रहती थी। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की रात में बीआरडी मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने गुलरिहा पुलिस को सूचना दी कि पीजी की छात्रा आरती झा की मौत हो गयी है। देर रात में प्राचार्य ने मृतका के घर फ़ोन कर यह जानकारी दी कि उनकी बेटी की हालत गंभीर है।
परिवारीजन का आरोप है कि कॉलेज पहुंचने के बाद कॉलेज प्रशासन के तरफ से उनकी बेटी की मौत की वजह कई बार अलग अलग बताया गया। यह भी बताया कि कॉलेज के लोग शव को बिना पोस्टमार्टम ही ले जाने को दबाव बना रहे थे।
अगले दिन शनिवार को शव पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया।
बता दें आरती एक मेधावी डॉक्टर थी। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से वह एमबीबीएस थी। यह गोल्ड मेडलिस्ट डॉक्टर बीआरडी से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही थी।