
बीआरडी कांड के आरोपी डाॅ.सतीश भी रिहा, जानिए क्यों जेल से बाहर निकलते फूटफूटकर रोने लगे
गोरखपुर। बीआरडी आक्सीजन कांड के एक और आरोपी डाॅ.सतीश शुक्रवार को जेल से रिहा हो गए। हाईकोर्ट ने डाॅ.सतीश को आठ महीने बाद जमानत दी है। रिहाई का परवाना जेल पहुंचने के बाद देर शाम को डाॅ.सतीश को रिहा किया गया। जेल से बाहर आते ही परिवारीजन को गलेे लगाते ही डाॅ.सतीश अपने आंसूओं को काबू में नहीं कर सके और फफक पडे़। उन्होंने रिहाई के बाद शुभचिंतकों को धन्यवाद दिया।
डाॅ.सतीश को जेल से लेने उनकी पत्नी व बेटी के अलावा ढ़ेर सारे मित्र व शुभचिंतक पहुंचे थे। इसमें कई बीआरडी मेडिकल काॅलेज के डाॅक्टर भी शामिल रहे।
डाॅ.सतीश कुमार बीआरडी मेडिकल काॅलेज में एनीस्थिसिया विभाग के अध्यक्ष थे जब आक्सीजन कांड हुआ था। विभागाध्यक्ष के अलावा उनको अनुरक्षण विभाग का भी चार्ज था। इस वजह से आक्सीजन की सप्लाई-स्टाॅक आदि की जिम्मेदारी इन पर ही थी।
डाॅ.सतीश द्वारा कोर्ट में पेश किए गए साक्ष्यों के अनुसार वह आक्सीजन कांड के एक दिन पूर्व अवकाश पर चले गए थे। लेकिन आक्सीजन सप्लाई बाधित होने और बच्चों की मौत के बाद जब मामला तूल पकड़ा तो सरकार ने आननफानन पर डीजीएमई के माध्यम से तत्कालीन प्राचार्य समेत कई डाॅक्टरों व लिपिकों पर केस दर्ज कराया। 11 सितंबर 2017 को डाॅ.सतीश ने कोर्ट में सरेंडर किया था। निचली अदालत में जमानत याचिका खारिज होने के बाद डाॅ.सतीश की ओर से उनके अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में अर्जी दी। मंगलवार को हाईकोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर कर ली।
शुक्रवार की शाम को डाॅ.सतीश की रिहाई का परवाना गोरखपुर जेल पहुंचा। जेल के अंदर रिहाई की कागजी कोरमपूर्ति होने लगी। जेल के बाहर उनके शुभचिंतकों और मित्रों की भीड़ एकत्र होने लगी। देर शाम को वह जेल से रिहाई की कागजी खानापूरी करने के बाद बाहर निकले। बाहर इंतजार कर रही पत्नी अनीता ने उनको गुलदस्ता देकर स्वागत किया। पत्नी को गले लगाते ही भावनाओं का ज्वार फूट पड़ा और वह खुद के आंसू रोक न सके। पास खड़ी बेटी पल्लवी भी बिलखने लगी। परिजन से मिलने के बाद डाॅ.सतीश ने सबका धन्यवाद किया और घर चले गए।
Published on:
19 May 2018 04:31 am
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