
गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कालेज ने फिर एक बार कुछ चमत्कार किया है। बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज के डाक्टरों ने एक नवजात के जटिल समस्या का ऑपरेशन कर उसकी जान बचा ली है।
जन्म के बाद से ही उसकी सांस फूल रही थी और दूध भी पीने में कठिनाईयों का सामना कर रहा था। जिसके बाद परिजन ने बच्चे को जिला अस्पताल भर्ती कराया। जिला अस्पताल के डाक्टरों ने बच्चे को BRD मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया।
डायाफ्राम की झिल्ली में छेद था
हॉस्पिटल प्रशासन के मुताबिक एक नवजात बच्चे का केस सामने आया जिसमें यह पता चला कि उसके डायाफ्राम की झिल्ली में छेद होने से आंत फेफड़े की बायीं ओर चला गया है।
आपरेशन करना बहुत काठी था
डायाफ्राम की झिल्ली में छेद जिसकी वजह से फेफड़ा दब रहा था और अल्प विकसित था। डायाफ्राम की मांसपेशियां पीछे की तरफ हैं ही नहीं। जिस वजह से आपरेशन करना बहुत काठी था। BRD के डाक्टरों ने हिम्मत नहीं हारी और ऑपरेशन करके नवजात की जान बचाई।
5 घंटे का समय लगा
डायाफ्राम की झिल्ली के छेद को छाती की मांसपेशियों से जोड़कर आपरेशन किया गया। जिसमें 5 घंटे का समय लगा। इसमें बाल रोग विशेषज्ञ डा. अभिषेक व बेहोशी के डा. सुनील आर्या व डा. शहबाज ने सहयोग किया।
आसपास के जिले BRD पर निर्भर हैं
BRD मेडिकल कॉलेज में रोजाना ऐसे मामले आते रहते हैं। जबकि गोरखपुर मंडल के चार जिले और बस्ती मंडल के तीन जिले स्वास्थ के लिहाज़ से अभी भी गोरखपुर के इस मेडिकल कॉलेज पर निर्भर रहते है।
देश के टॉप 10 अस्पतालों की सूची में BRD
जिला अस्पताल के साथ अब BRD मेडिकल कॉलेज की भी एंट्री हो गई है। BRD मेडिकल कॉलेज देश में आठवें स्थान पर रहा। जबकि जिला अस्पताल को नवां स्थान मिला। इस योजना के शुरू होने के बाद पहली बार BRD ने राष्ट्रीय स्तर पर इतनी बड़ी छलांग लगाई है। हालांकि जिला अस्पताल बीते 10 दिनों से टॉप टेन की सूची में बना हुआ है।
Published on:
19 Mar 2023 12:26 pm
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