गोरखपुर। उपचुनाव में प्रचार के अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ताबड़तोड़ चार जनसभाएं की। सपा समेत विरोधी दलों पर काफी हमलावर रहे योगी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए जनता से विकास के लिए वोट देने की भी अपील की। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को पहले प्रत्याशी नहीं मिला तो उसने प्रत्याशी आयात किए। इसके बाद भी काम नहीं चला तो उसने साइकिल पर हाथी को बिठा लिया। भाजपा की यह संस्कृति नहीं रही है। वह अपने कार्यकर्ता को ही चुनाव लड़ा रही है। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि जनता को औरंगजेब का शासन नहीं चाहिए। गोरखपुर और फूलपुर का चुनाव भारतीय जनता पार्टी प्रचण्ड बहुमत से जीतेगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के जागरूक मतदाताओं ने वंशवाद और जातिवाद की राजनीति को खारिज कर विकास एवं सुशासन को सुना। इस अवसरवादी गठबंधन और सौदेबाजी को जनता अच्छी तरह समझ गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गठबंधन भ्रष्टाचार, अलगाववाद और अराजकता को बढ़ावा देने वाला है। इसलिए किसी की प्रकार के नकारात्मक ताकत को एक सिरे से खारिज करेगा।
उन्होंने कहा कि बसपा और सपा का गठबंधन दिखाता है कि उन्होंने हार स्वीकार कर ली है। यह गठबंधन सौदेबाजी है। इसे प्रदेश के विकास से कुछ लेना-देना नहीं है। कहा कि एक ओर केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सुशासन वाली सरकार है, दूसरी ओर सपा जिसके नाम लेते ही लगता है कि कोई अपराधी, अराजक व्यक्ति आ रहा है। आज सपा अपने कर्मो का फल भोग रही है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुझे 5 बार सांसद बना कर भेजा। 4 बार मेरे गुरु ब्रह्मलीन अवेद्यनाथ महराज को संसद और 5 बार विधानसभा में भेजा। गोरखपुर की जनता के समर्थन से प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विकास के किसी पैमाने पर गोरखपुर नहीं पिछड़ेगा। हर नौजवान को उसकी प्रतिभा के अनुरूप नौकरी दी जाएगी। भ्रष्टाचार एवं कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह कोई भी हो।
योगी आदित्यनाथ ने कैंपियरगंज के रामचौरा, पिपराइच के जंगलधूसड़, गोरखपुर ग्रामीण के चौरी के अलावा सहजनवां के उनवल में सभा किया।