कई वर्षो से होली के दिन भगवान नरसिंह की शोभायात्रा निकालने की परंपरा चली आ रही है। सात दशकों से अधिक समय से चली आ रही इस परंपरा का निर्वाह सीएम योगी दो दशकों से अधिक समय से करते आ रहे है। पिछले दो सालों से कोराना महामारी के कारण सीएम इस यात्रा में शामिल नहीं हो पा रहे थे। इस बार सीएम ने शोभायात्रा में शामिल होने की सहमति दे दी है।
इस बार होली के अवसर पर निकलने वाली ऐतिहासिक भगवान नरसिंह की शोभायात्रा में सीएम योगीआदित्यनाथ शामिल होंगे। यात्रा में शामिल होने की सीएम ने सहमति दे दी है। 19 मार्च को इस बार होली पर्व मनाया जाएगा और उसी दिन यह यात्रा निकलेगी।
होलिकोत्सव समिति के अध्यक्ष ई. अरुण प्रकाश मल्ल और मंत्री मनोज जालान से गोरखनाथ मंदिर में हुई बातचीत में मुख्यमंत्री ने उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए शोभायात्रा में शामिल होने की सहमति प्रदान कर दी। कोरोना संक्रमण के चलते पिछले दो वर्ष से मुख्यमंत्री इस शोभा यात्रा में शामिल नहीं हो पा रहे थे।
जानकारी देते हुए ई. अरुण ने बताया कि रंगभरी शोभा यात्रा 19 मार्च को सुबह 8:30 बजे घंटाघर से निकलेगी। यात्रा से पहले मुख्यमंत्री होली खेलने के लिए मौजूद जनसमूह को संबोधित भी करेंगे। गीत, प्रार्थना और भगवान नरङ्क्षसह की महाआरती के बाद शोभायात्रा का प्रस्थान होगा। यह शोभा यात्रा घंटाघर से निकलकर मदरसा चौक, लालडिग्गी, मिर्जापुर, घासीकटरा, जाफरा बाजार, चरणलाल चौक, आर्यनगर, बक्शीपुर, नखास चौक, रेती चौक होते हुए घंटाघर लौट कर सम्पन्न होगी। इस शोभा यात्रा में शामिल होने वाले लोगों को नशा करना प्रतिबंधित होगा। नीला और काला रंग का इस्तेमाल भी वर्जित होगा। ई. अरुण ने बताया कि यात्रा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और होलिकोत्सव समिति के संयुक्त तत्वावधान में निकाली जाएगी।
होली पर गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर परिसर में साधु संतों व श्रद्धालुओं के साथ होलिका दहन के बाद राख की पूजा अर्चना करते हैं। सम्मत की राख को उड़ाकर होली की शुरूआत होती है। सम्मत की राख को माथे पर लगाकरर एकदूसरे को बधाई दी जाती है।