2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

UP मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल से नगर क्षेत्र के सरकारी स्कूलों के बच्चों के चेहरों पर बिखरी मुस्कान

सीडीओ ने बैठक कर विभिन्न समितियों के गठन की भी जानकारी दी
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

गोरखपुर

•

image

Dheerendra Vikramadittya

•

Updated: 29 Mar 2018, 9:09 AM IST

Yogi And Amit

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से गोरखपुर शहर क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नए सत्र में जमीन पर बैठकर पढ़ने से निजात मिल जाएगी। मुख्यमंत्री ने अपनी विधायक निधि से शहर के प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। विधायक निधि का धन मिलते ही बेसिक शिक्षा विभाग अब इन स्कूलों में फर्नीचर खरीद में लग गया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार गोरखपुर नगर क्षेत्र में 68 प्राथमिक तथा 11 उच्च प्राथमिक विद्यालय है। 11 जूनियर स्कूलों में 8 स्कूलों में पहले से ही फर्नीचर उपलब्ध है। बाकी बचेे स्कूलों को फर्नीचर विधायक निधि के धन से उपलब्ध कराया जाना शेष है।
सी.डी.ओ. अनुज कुमार सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई बैठक में ई-टेन्डरिंग के द्वारा फर्नीचर खरीदारी करने का निर्णय लिया गया है। नगर क्षेत्र में कुल 11 उच्च प्राथमिक विद्यालय है जिसमें 8 को पूर्व में ही फर्नीचर उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके अलावा जिले के 313 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर उपलब्ध कराया जायेगा। जिले में कुल 836 उच्च प्राथमिक विद्यालय है जिसमें से 215 स्कूलों में वर्ष 2008-09 में फर्नीचर उपलब्ध कराया जा चुका है।
सीडीओ ने बताया कि कक्षा एक व 2 के लिए 2580 रुपयेे, कक्षा 3, 4, 5 में 3520 रुपये तथा कक्षा 6, 7, 8 में 4460 रुपये का फर्नीचर बनवाने के लिए धनराशि का आवंटन प्राप्त हुआ है।
मार्केट सर्वे के लिए खण्ड शिक्षा अधिकारियों की एक कमेटी बना दी गई है। इसके अलावा बीडीओ की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित होगी जो फर्नीचर की गुणवत्ता व संख्या को सत्यापित करेगी। इसके अलावा टेण्डर समिति में एक अभियंता को भी विशेष आमंत्री सदस्य के रूप में नामित करें।
सीडीओ ने बताया कि कि फर्नीचर सागौन की लकड़ी से बनाई जाएगी। यह लकड़ी पूरी गुणवत्ता वाली होनी चाहिए।
बैठक में बेसिक शिक्षा अधिकारी रामसागरपति त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी बब्बन उपाध्याय, उपायुक्त उद्योग रंजन चतुर्वेदी, वित अधिकारी एवं नगर शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।