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लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस का अभियान, इस तरह घरों में पैठ बनाएगी कांग्रेस

आधी आबादी से कांग्रेस के प्रोफेशनल्स बात कर करेंगे जागरूक

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indian national congress president rahul gandhi in satna-rewa visit

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यूपी में कांग्रेस अपनी जमीन को मजबूत करने के लिए जुटी है। मिशन 2019 में राह आसान करने के लिए आधी आबादी को साधने के लिए कांग्रेस एक नए अभियान के साथ लगी है। महिलाओं और किशोरियों के सबसे महत्वपूर्ण मसले पर कांग्रेस से जुड़ी प्रोफेशनल महिलाएं अभियान को रंग देने में लगी हुई हैं।

देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में नब्बे के दशक के बाद लगातार वोट बैंक के खिसकने से परेशान कांग्रेस पुनर्वापसी के लिए तरह-तरह के जुगत लगा रही। कांग्रेस जातिय समीकरण को साधने के बजाय समाज के सबसे महत्वपूर्ण वोट बैंक को साधने में लगी है। पार्टी से वह ऐसे वोट बैंक को साधने में जुटे हैं जो बिना जाति-धर्म की लकीर खीचें उनके पाले में आ सकता है। कांग्रेस के प्रोफेशनल्स महिलाओं/युवतियों को जागरूक करेंगे। उनकी समस्याओं को सुनेंगे, उनके मसलों पर बातचीत करेंगे, उनको जागरूक करेंगे और साथ ही अपने दल के प्रति उनका झुकाव भी बढ़ाएंगे।
आल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस (एआईपीसी) महिलाओं/युवतियों के सबसे महत्वपूर्ण मसले पर उनसे चर्चा करेगी। उनके मन की भ्रांतियों को निकालने की कोशिश करेगी। प्रोफेशनल कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. अमिता सिंह बताती हैं कि 82 प्रतिशत महिलाओं व किशोरियों को मासिक धर्म सुरक्षा प्रबंधन की समुचित जानकारी नहीं है। ऐसा अनुचित प्रतिबंधों, भ्रांतियों, मिथकों तथा उत्पादों की अनुपलब्धता के कारण है जिससे खिलाफ अब चुप्पी तोड़ने की जरूरत है। डाॅ.अमिता का मानना है कि संगठन द्वारा शुरू किए गए ‘मेरी पैड यात्रा’ महिलाओं के आत्मसम्मान को आत्मशक्ति बनाने के लिए है। इस अभियान के जरिए पिछड़े क्षेत्रों में रहने वाली कम से कम एक लाख महिलाओं-किशोरियों से संपर्क कर जागरूक किया जाएगा।
आल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस से जुड़ी शहर की मशहूर चिकित्सक डाॅ.सुरहिता करीम का मानना है कि इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ उनसे जुड़ना भी है। हालांकि, वह बताती हैं कि वोट बैंक की राजनीति के इतर वह महिलाओं की उन समस्याओं पर बातचीत होगी जिस पर समाज चुप्पी साधे रहने को कहता है। मासिक धर्म एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है। इसे समझाने तथा इस विषय पर चुप्पी तोड़ने के लिए यात्रा की शुरुआत की गई है। यात्रा का महिलाओं पर विशेष प्रभाव पड़ेगा। इस कार्यक्रम के बारे में डाॅ.सुरहिता करीम बताती हैं कि पहले चरण में यूपी के झांसी और गोरखपुर में इस कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। इसके तहत महिलाओं-किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन के सम्बन्ध में समुचित शिक्षा और जागरूकता प्रदान की जाएगी। साथ ही एक वर्ष के उपयोग हेतु पर्यावरण के अनुकूल, त्वरित सूखने वाली और रीयूजेबल सैनिटरी नैपकिन की आपूर्ति भी की जाएगी। वह बताती हैं कि यह एक ऐसा विषय है जिस पर खुलकर बात होनी चाहिए, चर्चा होनी चाहिए। बिना इसके बारे में महिलाओं/किशोरियों के जागरूक हुए स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का आप नहीं सुलझा पाएंगे।