
फोटो सोर्स: पत्रिका, गोरखपुर में लापरवाही पर 155 पंचायत सचिवों को जारी हुई नोटिस
गोरखपुर में विभागीय लापरवाही ऐसी है कि यहां की 155 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिनमें कोई काम ही नहीं हो रहा। यहां वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कोई भुगतान नहीं किया गया है। इस बात से नाराज DPRO नीलेश प्रताप सिंह ने यहां के पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीन दिन के भीतर सहायक विकास अधिकारी पंचायत के जरिए उन्हें अपना जवाब देना होगा। जवाब न देने पर उनपर कार्रवाई की जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को धनराशि आवंटित की गई है। 1 अप्रैल से अब तक प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक इन 155 ग्राम पंचायतों में अभी तक किसी भी कार्य के सापेक्ष कोई भुगतान नहीं किया गया।
DPRO नीलेश प्रताप सिंह ने बताया कि रिपोर्ट का परीक्षण करने पर कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। कुछ ग्राम पंचायतों में ओपनिंग बैलेंस के साथ डायरेक्ट एवं आटो रिसिप्ट भी शून्य है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने कहा कि इससे साबित होता है कि इन ग्राम पंचायतों में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन कराने में सचिवों की ओर से कोई रुचि नहीं ली जा रही है।
DPRO ने कहा कि यह वित्तीय अनियमितता और घोर लापरवाही मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसी भी दशा में स्वीकार नहीं की जाएगी। यह अत्यंत आपत्तिजनक है। उन्होंने बताया कि इन सभी 155 ग्राम पंचायतों के सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 3 दिन में जवाब न देने पर कार्रवाई होगी।
बांसगांव में 7, बड़हलगंज में बड़हलगंज में 14, बेलघाट में 13, ब्रह्मपुर में 8, कैंपियरगंज में 10, गगहा में 7, गोला में 13, जंगल कौड़िया में 2, कौड़ीराम में 5, खजनी में 10, खोराबार में 3, पाली में 6, पिपराइच में 5, पिपरौली में 8, सहजनवा में 13, सरदारनगर में 5, उरुवा में 15 ग्राम पंचायतों के सचिवों को नोटिस दिया गया है।
Published on:
15 Jul 2025 01:06 am
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