
Gorakhpur News: ज़िले के राजघाट थाना अंतर्गत एक मुकदमे में बरामद सामान मालखाने में जमा करने के बाद पुलिसकर्मियों द्वारा हड़पने के मामले में प्रभारी निरीक्षक राजघाट को तत्कालीन थानाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह, दीवान मनीराम मौर्य और दीवान अरविन्द कुमार सिंह के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट त्वीशी श्रीवास्तव ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।
केस डायरी में फर्द बरामदगी लिख माल खाने में जमा हुआ माल
स्वर्ण व्यवसायी आकाश वर्मा की तरफ से मनोज कुमार धर दूबे एडवोकेट का कहना था कि यह घटना 13 जनवरी, 2018 की है। तत्कालीन थानाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह ने वादी का मानिटर, सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर हार्डडिस्क तथा कंप्यूटर के अन्य उपकरण, जेवर और रुपये कब्जा पुलिस में लिया था। फर्द बरामदगी को केस डायरी में भी दर्ज किया गया था और सभी सामानों को थाने के मालखाने में जमा किया गया।
वादी को कोर्ट के आदेश के बाद भी माल नही मिला
वादी द्वारा सामान रिलीज करने का प्रार्थनापत्र न्यायालय में देने पर माल के मालखाना में जमा होने की रिपोर्ट थाने से आई। इसके बाद कोर्ट ने सामान वादी के पक्ष में अवमुक्त करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के बाद भी सामान वादी को नहीं दिया गया और कहा गया कि सामान मालखाने में नहीं है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले को गंभीर और संज्ञेय अपराध पाते हुए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
Updated on:
14 Jul 2023 01:26 pm
Published on:
14 Jul 2023 01:25 pm
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