
गोरखपुर में बेखौफ खनन माफिया.....बंधो,नदियों, खेतों तक से निकाल रहे मिट्टी
Gorakhpur News: जिले के कैंपियरगंज क्षेत्र में अवैध खनन करने वाले माफियाओ ने राप्ती, रोहिण नदियों के साथ ही काश्तकारों की निजी खेतिहर भूमियों से भी बेखौफ होकर मिट्टी का खनन कर रहे हैं। ये खनन माफिया क्षेत्र के गांवों के लड़को को पैसे का लालच देकर खुलेआम मिट्टी निकलवा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला चिलुआताल थानाक्षेत्र के मजनू चौकी का है। जहां एक काश्तकार के खेत से ही पांच फीट गहराई तक की मिट्टी निकाल ली गई।राप्ती, रोहिंन नदी के पास के गांव-कस्बों में खनन माफिया ने अपना जाल फैला रखा है। इनकी शह पर रोहिन नदी के सिसईघाट और चिलुआताल के पास बंधे को भी काट दिया गया है।
थाना स्तर पर खनन करने वालों की गहरी पैठ
मिट्टी लदे डंपर, ट्रैक्टर-ट्राली का काफिला इतनी स्पीड में रहता है की अगर दूसरे गाड़ी चालक खुद न बचे तो बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है।चिलुआताल से सरहरी इलाके तक मिट्टी लदे वाहनों के आगे स्कार्पियों में भरकर लोग घूमते रहते हैं। कोई चेकिंग के लिए आया तो मौके पर ही डीलिंग कर लेते हैं। थानों में भी इन माफियाओं की गहरी पैठ है, जिसके चलते यह धंधा बेरोकटोक जारी है।
बंधा काटकर बनाया डंपर के आने-जाने का रास्ता
चिउटहा पुल से 500 मीटर उत्तर सेमरहवा गांव के पास रोहिन नदी पर बने मानीराम-मछरिहा बंधे को खनन माफियाओं ने काट दिया है। बंधे को काटकर डंपर और ट्रैक्टर ट्राली लाने-ले जाने के लिए रास्ता बनाया गया है। यहीं से तीन सौ मीटर की दूरी पर करमहा के पास 2001 और 2017 में बंधा टूटने से तबाही मची थी।
एक ही परमिट पर कई जगह खनन...सब मैनेज खेल
फिलहाल खनन की अनुमति देने से लेकर रोकने तक की जिम्मेदारी खनन विभाग के पास ही है, लेकिन पुलिस भी इसमें पीछे नहीं रहती है। पूरा खेल परमिट के पीछे का है। खनन कराने वाले एक जगह की परमिट लेते हैं और उसी के आसपास के इलाकों में दो से तीन जगह मिट्टी की खोदाई कराते हैं। अगर कोई शिकायत करता है तो एक ही परमिट हर जगह दिखा देते हैं। पुलिस से सांठगांठ पहले से होती है। बहुत दबाव बना तो पुलिस मिट्टी खाली कराकर एमवी एक्ट में वाहन को चालान कर जुर्माना लगा देती है।
अवैध खनन तो पकड़ा, लेकिन नहीं दी तहरीर
30 मई की रात में पीपीगंज इलाके के भगवानपुर के पास अवैध खनन की सूचना पर नोडल अफसर तहसीलदार ने दबिश दी थी। तब जांच के दौरान एक ट्रैक्टर ट्राली को अवैध खनन करते हुए पकड़ा गया था, वहीं मौके पर दो ट्राली छोड़कर आरोपी फरार हो गए थे। नोडल अफसर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने एक गाड़ी को सीज कर दिया, लेकिन नोडल अफसर की ओर से अवैध खनन के लिए कोई तहरीर नहीं भेजी गई, जिस वजह से आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी है।
ओवर स्पीड अवैध खनन की गाड़ियों से हुए हैं कई हादसे
24 अप्रैल 2023: गुलरिहा के टिकरिया रोड पर मिट्टी लदे ट्राली से कुचलकर एक बाइक सवार रंजीत की मौके पर ही मौत हो गई थी, वहीं दो लोग घायल हो गए थे।3
1 मार्च 2023: पीपीगंज के तुर्कवलिया चौराहे पर अवैध खनन के डंफर से अमलावती और उनके बेटे बलिहारी कुचल गए थे। बलिहारी की मौत हो गई थी और मां घायल हुई थी।
20 मई 2023: गुलरिहा इलाके के मंगलपुर के पास रात में साढ़े दस बजे मिट्टी लदे डंफर से कुचलकर पांच भैंसों की मौत हो गई थी।
03 जनवरी 2022: पैडलेगंज के पास अवैध खनन की डंफर से कुचलकर तीन लोगों की मौत हो गई थी, दो लोग घायल हुए थे।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि तेज गति से चलने वाले मिट्टी लदे डंपर और ट्रैक्टर-ट्राली पर रोक लगाई जाएगी। कार्रवाई के लिए लिए निर्देश दिए गए हैं। ताकि हादसे न हो सके। अगर खनन विभाग भी जांच करता है तो पुलिस पूरा सहयोग करेगी।
डीएम कृष्णा करूणेश ने कहा कि अवैध खनन और बंधे को काटे जाने का मामला हमारे संज्ञान में नहीं था। टीम भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी और मनमानी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
06 Jun 2023 03:38 pm
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