चाचा के पास पल रही बेटी के भरण पोषण के केस में कोर्ट ने उसकी देखभाल की जिम्मेदारी मां को सौंपी जबकि भाई को हर माह पांच हजार रुपये बच्ची के खाते में भेजने के आदेश दिए।
Gorakhpurnews : गोरखपुर परिवार न्यायालय में शनिवार को लोक अदालत में एक हैरान करने वाला मुकदमा चल रहा था । पिता की मौत के बाद अपनी देखभाल मां को करने के लिए एक बच्ची ने यह मुकदमा किया था। जिसमे उसकी जीत हुई।
मां-बाप अलग हुए, पिता की हुई मौत
आपसी संबंध ठीक न रहने से मां-बाप के अलग होने के बाद बेटी पिता के पास गई। पिता की मौत के बाद मां को पेंशन जबकि भाई को नौकरी मिल गई। चाचा के पास पल रही बेटी के भरण पोषण के केस में कोर्ट ने उसकी देखभाल की जिम्मेदारी मां को सौंपी जबकि भाई को हर माह पांच हजार रुपये बच्ची के खाते में भेजने के आदेश दिए।
8 साल पहले हुए थे अलग, पिता की भी हुई मौत
बेटी शिवपुर सहबाजगंज में चाचा के साथ रहती है। करीब आठ साल पहले उसके माता-पिता अलग हो गए। उसकी मां मायके में रहने लगी जबकि बच्ची और उससे सात साल बड़ा उसका भाई पिता के साथ रह गए। बेटी ने बताया पिता सरकारी नौकरी में थे। करीब चार साल पहले उनका निधन हो गया। इसके बाद मां को पेंशन मिलने लगी जबकि भाई बालिग हुआ तो उसे मृतक आश्रित कोटे से नौकरी मिल गई। शनिवार को प्रभारी प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नीलू मोघा की कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाया कि बेटी की देखभाल मां को करनी होगी