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BRD medical College : ब्लड बैंक और दलालों की मिलीभगत से फलफूल रहा है खून की दलाली, रजिस्टर में दर्ज ही नही होता ब्लड डोनरों का डिटेल

पुलिस के अनुसार सरगना वसील पहले नगर निगम का सफाई कर्मी था। वर्तमान में वह खून की दलाली कर रहा है। खजांची चौराहे से मजदूरों को 5 से 6 हजार प्रति यूनिट खून डोनेट करने पर तय कर ब्लड बैंक ले जाते है। वंहा खून निकलवाकर जरूरतमद को 10 हजार प्रति यूनिट बेचते है।

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Gorakhpur News

BRD medical College : ब्लड बैंक और दलालों की मिलीभगत से फलफूल रहा है खून की दलाली, रजिस्टर में दर्ज ही नही होता ब्लड डोनरों का डिटेल

GorakhpurNews : खून माफियाओं द्वारा ब्लड की दलाली करने के मामले में धीरे धीरे परत खुलती जा रही है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि जिस मजदूर गोरख से खून मेडिकल कालेज के ब्लड बैंक में निकलवाया गया था वंहा के रजिस्टर में उसका नाम ही दर्ज नही है। वही ब्लड माफिया तिवारीपुर के बिंद तोला निवासी वसील खान व एजेंट महराजगंज के फरेंदा निवासी केशर देव ने पिछले 6 महीने में 50 से ज्यादा लोगो को खून निकलवा कर दिया है। यानी इतने मजदूरों से ये लोग खून निकलवा चुके हैं। पुलिस अब गिरफ्तार वसील खान व एजेंट केशर देव का सीडीआर भी निकलवा कर जांच कर रही है। वही 50 से ज्यादा खून लेने व देने वालो को भी बुलाकर बयान दर्ज कराया जाएगा।

डोनर को खून का दाम न देने पर खुला मामला

आपको बता दे कि रविवार शाम को वशील खान खजांची चौराहे से मजदूर महराजगंज के पनियरा निवासी गोरख चौहान को 6000 में एक यूनिट खून देने की बात कहकर ले गया। मेडिकल कालेज के ब्लड बैंक में केशर देव मिला वह उसका खून निकलवाया। खून पिपराइच के रुदलापुर के मरीज मोहन को 10 हजार में बेच दिया। बाद में खून देने वाले गोरख को सिर्फ 1100 रुपये देकर मारपीट कर भगा दिया था। जिसके बाद गोरख की तहरीर पर पुलिस केस दर्ज कर दोनो को गिरफ्तार कर ली थी। मामले में मेडिकल कालेज के कुछ वार्ड बॉय व सफाई कर्मी की भी भूमिका सामने आई थी। अब जांच में सामने आया है कि ब्लड बैंक के रजिस्टर में खून देने वाले गोरख का नाम ही दर्ज नही है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि यह कैसे हुआ और किसकी मिलीभगत से हुआ। साफ है कि कोई कर्मचारी भी वहाँ का इस गिरोह से मिला है।

6 माह में 50 से ज्यादा लोगों के खून की हुई दलाली

वही इस गिरोह ने पिछले 6 माह में 50 से ज्यादा लोगो से खून निकलवाकर जरूरतमंद मरीजों को महंगे दाम में बेचकर दलाली कमाई है। पुलिस के अनुसार सरगना वसील पहले नगर निगम का सफाई कर्मी था। वर्तमान में वह खून की दलाली कर रहा है। खजांची चौराहे से मजदूरों को 5 से 6 हजार प्रति यूनिट खून डोनेट करने पर तय कर ब्लड बैंक ले जाते है। वंहा खून निकलवाकर जरूरतमद को 10 हजार प्रति यूनिट बेचते है। और 1500 से 2500 प्रति यूनिट मुनाफा कमाते है। बताया कि एजेंट केशर देव मजदूर है। ये लोग हर हफ्ते 2 से 3 लोगो से खून निकलवाकर बेचते थे।इस सम्बंध में ASP मानुष पारिख ने बताया कि पुलिस CDR खंगाल रही है। रजिस्टर पर पीड़ित का नाम दर्ज नही था। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। आगे अन्य जो भी दोषी मिलेगा कार्यवाई की जाएगी।

पुलिस ने जारी किया इमरजेंसी नंबर

उधर अब पुलिस विभाग ने एक इमरजेंसी एप लांच किया है। SSP डॉ गौरव ग्रोवर ने बताया कि जिसे भी खून की जरूरत हो वह इस एप पर ब्लड जरुरत की सुचना देगा तो रक्तदान करने वाले सिपाही तत्काल निशुल्क रक्त उपलब्ध कराएंगे। साथ ही लोग सिपाही राजन को 8924091231 पर काल कर सकते हैं। यह रक्तदान निशुल्क करेंगे।

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