
शुक्रवार को डाक विभाग द्वारा पूर्वांचल में पाये जाने वाले फल पनियाला को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए डाक टिकट जारी किया गया।मुख्य डाकघर में आयोजित कार्यक्रम में पोस्टमास्टर जनरल ने बताया कि इस दौरान स्पर्श योजना के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार की धनराशि और प्रमाण पत्र का वितरण भी किया गया।
श्री श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यक्रम के तहत स्कूली बच्चों को डाकघर का भ्रमण भी कराया गया। फिलैटली के विषय में वर्कशॉप आयोजित कर जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त फिलैटली क्विज का भी आयोजन किया गया। पीएमजी के बताया कि त्यौहारों और विशेष अवसरों के दौरान सद्भावना और समृद्धि के संकेत के रूप में पनियाला का अक्सर आदान-प्रदान किया जाता है। पनियाला की विशिष्टता और सांस्कृतिक महत्त्व को देखते हुए बीते वर्ष 29 जनवरी इसे भौगोलिक संकेत (जीआई) लेबल प्रदान किया गया है।
उन्होंने बताया कि औषधीय गुणों से भरपूर पनियाला पूर्वांचल के गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज आदि जिलों में पाया जाता है। स्वाद में यह खट्टा कुछ मीठा और थोड़ा सा कसैला होता है। जामुनी रंग का यह फल स्वाद में खास होने के साथ यह औषधीय गुणों से भरपूर होता है। सूर्य अराधना के पर्व छठ पनियाला 400 से 1000 रुपये किलो तक बिक जाता है। इस दौरान प्रवर डाक अधीक्षक वीके पांडेय, डॉ.विमल मोदी आदि उपस्थित रहे।
Published on:
16 Aug 2024 04:19 pm

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