रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद अब सिविल, सिग्नल, टेलीकॉम और इलेक्ट्रिकल कार्य के लिए टेंडर जारी होगा। नई रेल लाइन के लिए रेलवे बोर्ड जमीन भी मुहैया कराएगा।भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी।केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे के आनंदनगर से घुघली वाया महराजगंज रेल लाइन को हरी झंडी मिली है।
MahrajganjNews : नेपाल सीमा से सटे होने के बाद भी उत्तर प्रदेश का महराजगंज जिला आज तक ट्रेन की सुविधा से वंचित था। पूर्ववर्ती सरकारों ने भी इन सुविधाओं को कभी प्राथमिकता पर नहीं लिया। लेकिन अब महराजगंज जिला रेलवे नेटवर्क से जुड़ने जा रहा है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी चौधरी के प्रयास के बाद रेलवे बोर्ड ने रेल लाइन को मंजूरी दे दी है। 52.7 किलोमीटर लंबी आनंदनगर-घुघली वाया महराजगंज इलेक्ट्रिक रेल लाइन 958.27 करोड़ की लागत से तैयारी होगी। केंद्र सरकार ने गति शक्ति स्कीम के तहत इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है।केंद्रीय रेलवे बोर्ड ने इस नए रेल रूट के लिए अधिसूचना जारी कर दी है।
भूमि अधिग्रहण और टेंडर प्रक्रिया जल्द होगी शुरू
रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद अब सिविल, सिग्नल, टेलीकॉम और इलेक्ट्रिकल कार्य के लिए टेंडर जारी होगा। नई रेल लाइन के लिए रेलवे बोर्ड जमीन भी मुहैया कराएगा।भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी।केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे के आनंदनगर से घुघली वाया महराजगंज रेल लाइन को हरी झंडी मिली है।इस रेल लाइन से पंजाब और दिल्ली से असम समेत पूर्वोत्तर का रास्ता आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि महराजगंज के व्यवसायियों और आमजन के लिए यह नई रेल लाइन लाइफ लाइन होगी।
गति शक्ति स्कीम के तहत शुरू हुआ प्रोजेक्ट
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री ने कहा कि बहुप्रतीक्षित रेलवे लाइन के बिछ जाने से पंजाब और दिल्ली से असम समेत पूर्वोत्तर के राज्यों की ओर चलने वाली ज्यादातर रेलगाड़ियां इसी रूट से चलेंगी। इससे रेल रूट घट जाएगा, वहीं रेलवे की ढुलाई लागत में कमी आएगी. भारतीय रेलवे के नेटवर्क पर महराजगंज मुख्यालय अलग-थलग पड़ा था।यहां के लोगों को गोरखपुर- जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती थी।जिले की व्यावसायिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही थीं। गोरखपुर से अलग महराजगंज जिला बनने के बाद यहां के 30 लाख लोगों को विकास की आस बढ़ गई थी।