शहर स्थित उसके उसके मकान पर कुछ साल से ताला लटका है, मालूम हो कि पंजाबी सिंगर और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के कुछ दिनों बाद ही शंशाक अंबाला में असलहों के साथ पकड़ा गया था। इसके पकड़े जाने के बाद भी पंजाब पुलिस ने उसके बारे में जानकारी जुटाई थी।
Gorakhpurnews : बुधवार को शहर में NIA ने डेरा डाला रहा, यहां आकर टीम ने लारेंस विश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग को असलहे सप्लाई करने वाले शातिर शूटर शशांक पांडे के बारे में जानकारी जुटाई। शशांक कैंट इलाके के सिंघड़िया आदर्शनगर में कुछ वर्षों पूर्व तक रहता था। वर्तमान में शहर स्थित उसके उसके मकान पर कुछ साल से ताला लटका है, मालूम हो कि पंजाबी सिंगर और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के कुछ दिनों बाद ही शंशाक अंबाला में असलहों के साथ पकड़ा गया था। इसके पकड़े जाने के बाद भी पंजाब पुलिस ने उसके बारे में जानकारी जुटाई थी।
अमन और शमसुद्दीन के घर भी पहुंची NIA
करीब दो घंटे तक शशांक के बारे में जानकारी जुटाकर NIA की टीम वहां से वापस लौट गई। इसके बाद NIA शशांक के दो दोस्तों अमन और शमसुद्दीन के घर पहुंची। यह दोनों मालवीय नगर के रहने वाले हैं। NIA ने दोनों से शशांक के बारे में जानकारी ली।
बिहार के पश्चिम चंपारण का रहने वाला है शशांक
शशांक पांडेय मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण के मैनाटारह में चुठहा गांव का रहने वाला है। उसके पिता नित्यानंद पांडेय गोरखपुर काम की तलाश में आए थे और सिंघड़िया में एक मकान खरीद लिए। कुछ वर्ष पहले पिता की मौत हो गई तब मां भी गांव वापस चली गईं। 10 महीने पहले शशांक की मां ने गोरखपुर का घर बेच दिया ।
शशांक और उसके तीन साथी अंबाला में हुए थे अरेस्ट
अंबाला में पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 24 जुलाई 2022 को शशांक और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया था। उसके तीनों साथी अंबाला छावनी के बब्याल के रहने वाले हैं। उनके पास से पुलिस को कई असलहे और कारतूस भी मिले थे। शशांक बिहार के मुंगेर से तस्करी कर असलहों की सप्लाई करता था। उसने अंबाला पुलिस के सामने ये बातें कबूल की हैं।