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गोरखपुर पुलिस ने फर्जी स्टांप पेपर के अंतर्राजीय गिरोह का भंडाफोड़ किया, 1 करोड़ 52 हजार फर्जी स्टाम्प बरामद

90 के दशक में हुए फर्जी स्टैंप घोटाले का मास्टरमाइंड अब्दुल करीम तेलगी पूरे देश में हलचल मचा दिया था। इसी तरह फर्जी स्टांप पेपर बनाने वाले गिरोह का गोरखपुर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। ये गिरोह जाली स्टांप छाप कर यूपी-बिहार सहित कई प्रदेश के सरकारों को चूना लगाने का काम करता था।

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गोरखपुर पुलिस ने फर्जी स्टांप पेपर के अंतर्राजीय गिरोह का भंडाफोड़ किया, 1 करोड़ 52 हजार फर्जी स्टाम्प बरामद

गोरखपुर पुलिस ने फर्जी स्टांप पेपर के अंतर्राजीय गिरोह का भंडाफोड़ किया, 1 करोड़ 52 हजार फर्जी स्टाम्प बरामद

गोरखपुर में फर्जी स्टाम्प मामले में SSP डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने SIT टीम का गठन किया था। इस टीम ने नाना, नाती समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक कैंट थाने दर्ज हुए इस मुक़दमे में कई महीनों तक आरोपियों से चली पूछताछ के दौरान कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला है।

पुलिस ने बताया कि बिहार के रहने वाले एक 85 वर्षीय बुजुर्ग अपने नाती के साथ मिलकर कई सालों से फर्जी स्टाम्प पेपर तैयार कर रहा था। लोकल वेंडरों के जरिए इन फर्जी स्टाम्प पेपर को बेच दिया जाता था। कैंट थाना पुलिस को मिली एक शिकायत के बाद आठ जनवरी 2024 को गोरखपुर के एक अधिवक्ता ने कैंट थाना में एक मुकदमा दर्ज कराया था।

इसके बाद SSP गोरखपुर ने SIT टीम गठित कर इस पूरे मामले की जांच के लिए कई टीमों को लगाया गया था। जिसके बाद पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली थीं। दरअसल, एक प्रकरण में न्यायालय में मामला दाखिल किया गया था जिसमें कोर्ट फीस के तौर पर 53,128 रुपये का स्टाम्प लगाया गया था।नियमानुसार, मुकदमे में मेरिट के आधार पर निस्तारण होने पर कोर्ट फीस वापस नहीं होती है। लेकिन सुलह समझौता के आधार पर मुकदमे का निस्तारण लोक अदालत में हो गया था।

स्टाम्प वापसी हेतु आवेदन कोषागार कार्यालय गोरखपुर में किया गया इसमें कुछ कूटरचित स्टाम्प लगे थे। वो सभी स्टाम्प सदर तहसील गोरखपुर के कोषागार से जारी न होने के कारण उसकी जांच भारतीय प्रतिभूति मुद्रणालय, नासिक प्रयोगशाला से कराई गई तो 5-5 हजार के दस स्टाम्प (कुल 50 हजार) कूटरचित पाया गया। जिसके संबंध में उपनिबंधक प्रथम सदर तहसील गोरखपुर ने मुकदमा पंजीकृत कराया। तब जाकर इस फर्जीवाड़ा का पता चला।

पुलिस की मानें तो आरोपियों से लगभग 1 करोड़ 52 हजार 30 रुपये के स्टाम्प बरामद किए गए हैं साथ ही गैर न्यायिक स्टाम्प/न्यायिक स्टाम्प उ0प्र0, बिहार के 1000, 5000, 10000, 20000 व 25000 के स्टाम्प, एक लैपटॉप, एक प्रिन्टिंग व स्कैनर मशीन स्टाम्प व करेंसी नोट छापने हेतु विभिन्न कम्पनियों की 100 पैकट इंक, पेपर कटर मशीन और अत्यधिक मात्रा में सादे कागज बरामद किए।

इस मामले पर SSP डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने बताया कि गोरखपुर में जनवरी 2024 में एक मामला संज्ञान में आया था। जब एक अधिवक्ता द्वारा वाद में लगाए गए स्टांप पेपर्स को ट्रेजरी में रिफंड के लिए लगाया गया तो जानकारी हुई कि वह स्टांप पेपर कभी वहां से जारी ही नहीं हुए। फिर संबंधित स्टांप पेपर को तकनीकी रूप से लैब के माध्यम से जांच कराई गई तो वह फेक पाई गई।

इस संबंध में एक मुकदमा थाना कैंट में पंजीकृत हुआ था। फेक स्टांप पेपर्स के मामले की गंभीरता को देखते हुए एक SIT का गठन किया गया।सबसे पहले इसमें रवि दत्त मिश्र को गिरफ्तार किया गया जिसने अधिवक्ता को स्टांप पेपर दिए थे। उससे गहन पूछताछ की गई फिर SIT के द्वारा पूरे गैंग को क्रैक कर लिया गया।सिवान, बिहार में इनकी प्रिंटिंग हो रही थी, दो लोग अरेस्ट हुए। इसके अलावा पांच वेंडर भी गिरफ्तार हुए हैं। यह नोटिफाइड वेंडर थे इसलिए इन्हें यह पता रहता था कि किस सीरियल नंबर का स्टांम्प ट्रेजरी द्वारा इशू हो रहे हैं।

बिहार के सिवान जिले के रहने वाले कमरुद्दीन और उसका नाती को गिरफ्तार किया।इनके पास से छपाई की मशीने भी बरामद की गईं।पूछताछ में आरोपी कमरुद्दीन ने पुलिस को बताया कि उसे यह कला उसके ससुर शमशुद्दीन ने कई दशक पहले सिखाई थी। उसका पूरा खानदान फर्जी स्टाम्प की छपाई में लगभग 50 सालों से लगा है। इस मामले में वो 1986 में जेल भी जा चुका है। जेल से छूटने के कुछ सालों बाद वह फिर से इसी गोरखधंधा में लग गया।

पकड़े गए आरोपित

-मोहम्मद कमरूद्दीन पुत्र मोहम्मद दीन निवासी नई बस्ती थाना मोफस्सिल सिवान, बिहार (सप्लायर)

- साहेबजादे पुत्र जाकिर निवासी नई बस्ती थाना मोफस्सिल सिवान, बिहार (सप्लायर)

- रामलखन जायसवाल पुत्र हीरा जायसवाल निवासी दीवान बाजार निकट समय माता मन्दिर कोतवाली गोरखपुर (स्टांप वेंडर)

- ऐश मोहम्मद पुत्र हासिम मियां निवासी वार्ड नं0 13 श्रीरामजानकी नगर थाना कसया कुशीनगर (स्टांप वेंडर)

- रविन्द्र दीक्षित पुत्र भगवती दीक्षित निवासी सिरसिया थाना पड़रौना कुशीनगर (स्टांप वेंडर)

- सन्तोष गुप्ता पुत्र मुक्तिनाथ गुप्ता निवासी वार्ड नं0 22

थाना भाटपार देवरिया (स्टांप वेंडर)

- नन्दू उर्फ नन्दलाल पुत्र स्व. सुखल प्रसाद निवासी जंगल बकुलहा थाना पड़रौना कुशीनगर (स्टांप वेंडर)

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