
गोरखपुर में मानव तस्करी के अंदेशे से पुलिस चौकन्नी है, बता दें कि सहजनवा इलाके की एक महिला को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर राजस्थान में चार लाख रुपये में बेच दिया गया। चार महीने की कड़ी मशक्कत के बाद संतकबीरनगर पुलिस महिला को राजस्थान से वापस लेकर आई है।इस घटना के बाद गोरखपुर पुलिस ने गिरोह की तलाश शुरू कर दी है, क्योंकि महिला ने एक और किशोरी के बंधक होने की जानकारी दी है।
जानकारी के मुताबिक सहजनवा के टिकरिया मिनवा गांव निवासी एक महिला 8 जुलाई 2024 को अचानक लापता हो गईं, वह एक फैक्ट्री में काम करती थी। उस दिन काम से लौटते वक्त रास्ते में एक महिला और तीन अन्य लोगों ने उसे बातचीत कर झांसे में लिया फिर नशीली चीज खिलाकर बेहोश कर दिया। जब होश आया तो उन्होंने खुद को राजस्थान के एक सुनसान इलाके में पाया।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उन्हें महावीर गुर्जर नामक व्यक्ति ने चार लाख रुपये में खरीदा था। वहां उसे बंधक बनाकर रखा था । इसके अलावा महावीर ने जबरन एक सादे कागज पर अंगूठा लगवाया। चार महीने तक वह किसी तरह बंधक बनकर काम करती रहीं।
महिला के गायब होने के बाद उनके पति ने संतकबीरनगर के खलीलाबाद कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस की निष्क्रियता के बाद दिलीप ने एडीजी गोरखपुर को प्रार्थना पत्र दिया। इसी बीच महिला ने किसी अजनबी के मोबाइल से पति को फोन कर अपनी लोकेशन की जानकारी दी।सर्विलांस की मदद से लोकेशन ट्रेस की गई और संतकबीरनगर पुलिस राजस्थान के सीकर जिले के श्रीमाधोपुर पहुंची। स्थानीय पुलिस की मदद से महिला को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
महिला ने पूछताछ में रामगढ़ताल इलाके की एक किशोरी के भी बंधक होने की जानकारी दी। इससे आशंका जताई जा रही है कि मानव तस्करी का एक बड़ा गिरोह सक्रिय है। इस गिरोह से जुड़ी एक महिला के विलंदपुर खत्ता में रहने की बात भी सामने आई है। गोरखपुर पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
SSP डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया की महिला का मामला संतकबीरनगर में दर्ज है। उससे मिली जानकारी के बाद इसकी जांच की जा रही है।
Updated on:
18 Dec 2024 10:29 am
Published on:
18 Dec 2024 10:29 am
