
CM Yogi Adityanath
गोरखपुर। नए साल पर प्रदेश सरकार ने गोरखपुर के गन्ना किसानों को एक खुशखबरी दी है। पिपराइच में शुरू हो रही चीनी मिल की पेराई क्षमता में डेढ़ गुना की वृद्धि की गई है। अब इस मिल की क्षमता 3500 मीट्रिक टन प्रतिदिन की अपेक्षा पांच हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन की होगी। इस मिल से अब 18 मेगावाॅट की जगह 28 मेगावाॅट बिजली उत्पादन भी हो सकेगा।
डीएम राजीव कुमार रौतेला ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ ने पिपराइच चीनी मिल की पेराई क्षमता तथा विद्युत उत्पादन की क्षमता वृद्धि कर जिले को नये वर्ष का उपहार दिया है।
रौतेला के अनुसार चीनी मिल पेराई सत्र 2018-19 से शुरू होगा।
उन्होंने बताया कि डिस्टलरी की उत्पादन क्षमता 60 किलो लीटर है। इसकी लागत 105 करोड़ रूपये होगी। चीनी मिल की लागत भी 295 करोड़ रूपये से बढ़कर 375 करोड़ हो जायेगी। पिपराइच चीनी मिल की लागत अब 480 करोड़ रूपये हो जायेगी।
पिपराइच चीनी मिल के चीफ केमिस्ट मारकण्डेय मिश्र ने बताया कि चीनी मिल की क्षमता भविष्य में 5000 से बढ़कर 7500 मीट्रिक टन गन्ना पेराई क्षमता बढ़ाई जा सकेगी। उन्होंने बताया कि पिपराइच चीनी मिल की क्षमता वृद्धि की पब्लिक इनवेस्टर्मेट ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा स्वीकृत कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में गन्ना विकास के लिए विभिन्न योजनाए संचालित की जा रही है।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में बताया गया कि एम्स निर्माण स्थल पर सभी अवैध अतिक्रमण हटा दिया गया है ताकि बाउन्ड्रीवाल का काम पूरा कराया जा सके। कार्यदायी संस्था ने बताया कि अब कोई बाधा नही है। फर्टिलाइजर में भूमि समतलीकरण का आधा काम पूरा कर लिया गया है। मार्च 2018 तक कार्य पूरा कर लिया जायेगा।
नौसढ़ से कालेसर मार्ग प्रकाश व्यवस्था का काम पूरा कर लिया गया है। पोल की रंगाई-पोताई का काम कराया जा रहा है। गीड़ा द्वारा विद्युत कनेक्शन की कार्यवाही की जा रही है। 20 जनवरी तक इसे पूरा कर लिया जायेगा।
जिलाधिकारी ने पीडब्लूडी को निर्देश दिया कि इस मार्ग पर डिवाइडर की पुनः रंगाई-पोताई करा दें ताकि रात में चलने वालों को दिक्कत ना हों।
कार्यदायी संस्था खनन के लिए आवेदन करें
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया कि मिट्टी खनन के लिए अपना आवेदन खनन कार्यालय को उपलब्ध करा दें। खनन अधिकारी ने बताया कि कुल 62 आवेदन प्राप्त हुये थे जिसका निस्तारण कर दिया गया है। शेष जिसको मिट्टी खनन की आवश्यकता हो, तत्काल आवेदन कर दें।
जिलाधिकारी ने कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति छात्र-छात्राओं के लिए आईएएस व पीसीएस एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भवन हेतु भूमि का चयन कर लिया गया है। उन्होंने तहसीलदार सदर विनोद सिंह को निर्देश दिया कि तीन दिन में भूमि स्थानान्तरित करा दें।
पिपराइच में गन्ना शोध संस्थान
गन्ना शोध संस्थान पिपराइच में स्थापित होगा। इसके लिए पिपराइच, रीठिया एवं हरकापुर की लगभग 52 एकड़ भूमि ली जायेगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि शोध केन्द्र के निदेशक सभी 630 किसानों से सहमति प्राप्त करायें ताकि राजस्व विभाग से भूमि स्थानान्तरण की कार्यवाही करायी जा सकें। डाॅ. सुचिता सिंह ने बताया कि 285 किसानों की सहमति प्राप्त हो गयी है।
जिलाधिकारी ने पीडब्लूडी, सी एण्ड डीएस, गन्ना, बिजली, जलनिगम समाज कल्याण निर्माण निगम आदि की निर्माण योजनाओं की समीक्षा किया तथा समय से कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है।
बैठक का संचालन अर्थ एवं संख्याधिकारी बाबूलाल ने किया। इसमें सीडीओ अनुज सिंह, नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह, एडीएम प्रभुनाथ एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।
Published on:
01 Jan 2018 09:25 am
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