गोरखपुर में कई ऐसे अस्पताल है जो अवैध तरीके से चल रहें हैं। जहां कई लोग बिना डिग्री के इलाज कर रहें।
जिले में कई ऐसे अवैध अस्पताल है जो बगैर रजिस्टर डॉ. के चलाये जा रहे हैं। आपको बता दें कि जिले के ही भटहट स्थित सत्यम हॉस्पिटल में 4 जनवरी को एक गर्भवती महिला की गर्भपात करने के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया तो फिर भटहट में ही मीरा अस्पताल नामक एक और बगैर पंजीकृत अस्पताल का मामला सामने आया है।
अप्रशिक्षित स्टॉफ ने दो महिलाओं के बच्चेदानी का ऑपरेशन किया
उपस्थित दो महिलाओं के बच्चेदानी का ऑपरेशन और एक महिला का डिलेवरी कर अप्रशिक्षित स्टॉफ द्वारा इलाज करते पाया गया। तीनों भर्ती मरीजों का ऑपरेशन 3 फरवरी से 6 फरवरी के बीच में हुआ।
अस्पताल में मौजूद स्टॉफ जंगल डुमरी मुनव्वर अली ने बताया कि वह डॉक्टर से पूछकर पर्चे पर दवा लिख दिया करता है। उसने यह भी बताया कि महराजगंज से वह महज इंटर पास है।
किसी भी स्टाफ के पास डिप्लोमा की भी डिग्री नहीं
पुलिस के मुताबिक, मौजूद स्टॉफ ने पंजीकरण की छायाप्रति उपलब्ध कराई थी। उसके मुताबिक, संचालक का नाम मोहम्मद अमजद खान है, जो भटहट के परसौना का निवासी है। विवरण में डॉ. मनीष व डॉ. अमित जायसवाल व पैरामेडिकल स्टॉफ में मोहम्मद आशिफ व प्रमोद यादव नाम अंकित है। स्टॉफ की मौजूदगी के बारे में बताया कि मुनव्वर अली, रमेश निषाद, ही मौजूद मिले, किसी के पास भी डिप्लोमा तक की डिग्री नहीं है।
डॉ. फोन पर देते है सलाह
मौजूद स्टॉफ ने बताया कि डॉ. मनीष अधिकृत रूप से अस्पताल के डॉक्टर है। लेकिन, वह कभी आते है, कभी नहीं आते है। उनसे फोन पर सलाह लेकर ही मरीजों का इलाज किया जाता है। हॉस्पिटल के लेटर पैड पर डॉ.मनीष, डॉ. अमित