21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Gorakhpur Gorakhnath Temple: गोरखनाथ मंदिर की ये विशेषता जानते हैं आप, कैसे पड़ी खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा?

Gorakhpur Gorakhnath Temple: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर की महानता के बारे में तो जानते ही होंगे। पूरे प्रदेश से लोग यहां आकर मकर संक्रांति पर खिचड़ी का प्रसाद चढ़ाते हैं। इस परंपरा की शुरूआत कैसे हुई, आइए बताते हैं।

2 min read
Google source verification
Khichdi Prasad offered Gorakhnath temple in Gorakhpur

गोरखपुर का गोरखनाथ मंदिर

Gorakhpur Gorakhnath Temple: यूपी का गोरखपुर जिला टूरिस्ट स्पॉट के साथ-साथ धार्मिक स्थल के लिए भी प्रसिद्ध है। अगर यहां के प्रसिद्ध मंदिरों की बात करें तो पहले नंबर पर आता है, बाबा गोरखनाथ मंदिर। ये मंदिर केवल राज्य में ही नहीं बल्कि पूरे देश में प्रसिद्ध है। गोरखनाथ मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। ये कई योगी-महंतों का महत्वपूर्ण केंद्र है। मकर संक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में विशाल मेले का आयोजन होता है। इसे खिचड़ी मेला भी कहा जाता है।

गोरखनाथ मंदिर नाथ मठ समूह का मंदिर है। ऐसी मान्यता है कि मंदिर की स्थापना नाथ परंपरा के गुरु मत्स्येंद्रनाथ द्वारा की गई है। हिंदू पौराणिक कथाओं में गोरखनाथ और कांगड़ा स्थित ज्वाला देवी की भी कहानी प्रसिद्ध है। 52 एकड़ में फैले मंदिर के अंदर गोरक्षनाथ की संगमरमर की प्रतिमा के अलावा चरण पादुका, भगवान गणेश, देवी काली, काल भैरव समेत अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमा देखने को मिल जाती है।

यह भी पढ़ें: 28 मई से 1 जून तक यूपी में धुंआधार बारिश का अलर्ट, सरकारी स्कूलों में कल रहेगी छुट्टी, जानें मौसम विभाग की चेतावनी

जानिए कैसे पड़ी खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा?
मान्यता और किवदंतियों के अनुसार त्रेतायुग में गोरखनाथ हिमाचल के कांगड़ा स्थित ज्वाला देवी मंदिर गए थे। जहां देवी ने उन्हें दर्शन देते हुए भोज पर आमंत्रित किया। इस पर गोरखनाथ ने कहा कि वे भिक्षा में मिले दाल-चावल थे। इस पर देवी ने कहा कि वे दाल-चावल लेकर आए। इस पर गोरखनाथ राप्ती और रोहिणी नदी के पास पहुंचकर साधना में लीन हो गए। ये देख लोग उन्हें भिक्षा के तौर पर दाल-चावल देने लगे। लेकिन उनका पात्र भरता ही नहीं था। तब से गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा शुरू हो गई। यूपी के अलावा यहां बिहार, झारखंड समेत नेपाल से लोग खिचड़ी चढ़ाने आते हैं।

यह भी पढ़ें: सोमेश्वर महादेव मंदिर को तोड़ने गया था औरंगजेब, सीढ़ियों पर पहुंचते ही दिखा चमत्कार फिर सिर झुकाकर दान कर दी करोडों की जागीर