
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल काॅलेज में आक्सीजन की कमी से हुई बच्चों की मौत के मामले में आरोपी डाॅ.कफिल खान शनिवार की शाम को जेल से रिहा हो गए। डाॅ.कफिल को मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। न्यायाधीश यशवंत वर्मा की बेंच ने डाॅ.कफिल की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह मंजूरी दी। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद शनिवार की देर शाम को वह जेल से बाहर आ सके।
कई दिनों से उनके परिजन इलाहाबाद से गोरखपुर तक समस्त प्रक्रिया को पूरा कराने में लगे थे ताकि डाॅ.कफिल जेल से बाहर आ सके।
रिहाई के बाद उनको लेने के लिए पत्नी डाॅ.शाबिस्ता, डेढ़ साल की बेटी सबरीना, भाई डाॅ.आदिल अहमद खान सहित बड़ी संख्या में मित्र और शुभचिंतक पहुंचे थे। कई शुभचिंतक हाथों में यू आर रीयल हीरो आदि लिखी कई तख्तियां लेकर पहुंचे थे।
आठ माह के बाद रिहा हुए डाॅ.कफिल अपने-अपनों को देख काफी भावुक हो गए। मां शाबिस्ता की गोद में डेढ़ साल की बेटी सबरीना कुछ समझ तो नहीं पा रही थी लेकिन डाॅ.कफिल को देख जल्दी पास आने को बोल रही थी। परिवार को देख वह अपनी भावनाओं को रोक न सके।
लिक्विड आक्सीजन की सप्लाई रोके जाने से बच्चों की हुई थी मौत
10 अगस्त को बीआरडी मेडिकल काॅलेज में लिक्विड आॅक्सीजन की सप्लाई रोके जाने के बाद तीन दर्जन से अधिक बच्चों की मौत हो गई थी। बच्चों की मौत के बाद देशभर में सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। पहले तो सरकार आक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत को नकारती रही लेकिन बढ़ते दबाव पर मेडिकल काॅलेज के तत्कालीन प्राचार्य डाॅ.राजीव मिश्र, उनकी पत्नी पूर्णिमा शुक्ल, डाॅ.कफिल खान, आक्सीजन सप्लायर मनीष भंडारी सहित नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। कुछ को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया तो कुछ ने आत्मसमर्पण किया था। करीब आठ महीने से ये लोग जमानत के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटा रहे थे लेकिन याचिका नामंजूर हो जा रही थी। लेकिन बीते दिनों आक्सीजन सप्लायर मनीष भंडारी की जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर करते हुए जमानत दे दी। भंडारी की जमानत के बाद मंगलवार को एक अन्य आरोपी डाॅ.कफिल खान की जमानत को भी हाईकोर्ट ने मंजूरी दे दी।
Published on:
28 Apr 2018 09:35 pm
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