
BRD मेडिकल कॉलेज के चेस्ट रोग विभाग में प्ल्यूरोस्कोप मशीन लगा दी गई है। फेफड़े की दूरबीन से जांच और ऑपरेशन के लिए शासन ने 40 लाख रुपये की यह मशीन भेजी है, जिसे इंस्टॉल कर दिया गया है।
इस मशीन से फेफड़ों से पानी व मवाज निकाला जायेगा
जिनके फेफड़ों में बार-बार पानी इकट्ठा हो जाता है या मवाज बन जाता है, उनकी जांच की जा सकेगी। इस मशीन से फेफड़ों से पानी व मवाज निकालने के साथ ही इसके कारण का भी पता किया जा सकेगा। अब रोगियों को इस उपचार के लिए लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा।
निजी केंद्रों पर थोरेकोस्कॉपी का शुल्क लगभग 30 हजार रुपये
चेस्ट रोग विभाग के अध्यक्ष डाॅ. अश्विनी कुमार मिश्रा ने बताया कि निजी केंद्रों पर थोरेकोस्कॉपी का शुल्क लगभग 30 हजार रुपये है। मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा काफी कम शुल्क पर मिल जाएगी। कॉलेज प्रबंधन ने अभी इसका शुल्क नहीं तय किया है, लेकिन माना जा रहा है कि अधिकतम शुल्क पांच-छह सौ रुपये हो सकते हैं।
बिहार से आई मनीषा का निशुल्क जांच व ऑपरेशन किया गया
डाॅ. अश्विनी मिश्रा ने बताया कि बिहार से आई मनीषा पहली रोगी हैं, जिनकी निशुल्क जांच व ऑपरेशन किया गया। उनके फेफड़े में बार-बार पानी भर जा रहा था और कारण पता नहीं चल पा रहा था। थोरेकोस्कॉपी करने पर पता चला कि फेफड़े के अंदर बहुत सारी झिल्लियां बन चुकी हैं, जिनकी वजह से पानी बन रहा था।
मशीन से झिल्लियों को तोड़कर बाहर निकाल दिया गया। अब वह स्वस्थ हैं, उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। ऑपरेशन में डाॅ. अश्विनी मिश्रा के साथ डा. सुमित प्रकाश, डा. शिवम पांडेय एवं डा. मुन्ना पटेल शामिल थे।
नेपाल के रोगियों को भी मिलेगा फायदा
बीआरडी मेडिकल कालेज के प्राचार्य डाॅ. गणेश कुमार ने कहा कि थोरेकोस्कॉपी की बड़ी सुविधा शासन ने प्रदान की है। अब तक फेफड़े के गंभीर रोगियों को लखनऊ रेफर करना पड़ता था। अब यहीं उपचार यहीं हो जाएगा। इससे गोरखपुर-बस्ती मंडल, बिहार व नेपाल के रोगियों को बहुत लाभ मिलेगा।
Published on:
12 Feb 2023 09:46 pm
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