12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गोरखपुर के रिवर फ्रंट रामगढ़ ताल में बड़ी संख्या में मछलियों के मरने से हड़कंप…अधिकारियों का अब तक नहीं आया कोई बयान

गोरखपुर के रिवर फ्रंट कहे जाने वाले रामगढ़ ताल के किनारे अचानक बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां आ जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सबसे बड़ी समस्या वहां आसपास रहने वालों और सैर करने जाने वालों को है, दुर्गंध से उनका वहां जाना मुश्किल हो गया है।

less than 1 minute read
Google source verification
Up news, gorakhpur

फोटो सोर्स: पत्रिका, मृत मछलियां

गोरखपुर के टूरिस्ट स्पॉट रामगढ़ ताल में बड़ी संख्या में मछलियों के मरने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया, जानकारी के मुताबिक पानी के बहाव से मरी हुई मछलियां किनारे पर इकट्ठी हो गईं और सड़ने लगीं, जिससे झील के आसपास दुर्गंध से जीना मुहाल हो गया।

सबसे ज्यादा दिक्कत आसपास बसी कॉलोनीवासियों और वहां सैर करने आने वाले लोगों को हो रही है, दुर्गंध और सड़न से आना दूभर हो गया है। झील के किनारे रहने वालों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में पानी का रंग बदला हुआ दिखाई दिया और बदबू बढ़ने लगी थी। इसके बाद मछलियां तट पर मरकर जमा होने लगीं।

ताल में ऑक्सीजन की कमी से मरी बड़ी संख्या में मछलियां

जैसे ही यह खबर फैली तब हेरिटेज फाउंडेशन के मनीष चौबे और आशीष कुमार ने मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि झील के जल में नाइट्रोजन और फॉस्फोरस की मात्रा बढ़ने के कारण सूक्ष्म वनस्पतियों और शैवाल की वृद्धि तेज हुई है। इसके परिणामस्वरूप घुलित ऑक्सीजन कम हो जाती है और मछलियों की मौत होती है।

उन्होंने मांग की कि झील के पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल वैज्ञानिक तरीके से प्रदूषण नियंत्रण और ऑक्सीजन स्तर को संतुलित किया जाए। बता दें कि शहर के कई क्षेत्रों से रामगढ़ ताल में अपशिष्ट पहुंचते हैं, जिससे झील में अक्सर ऑक्सीजन बैलेंस डिस्टर्ब होता है। फिलहाल इस घटना पर प्रशासनिक अधिकारियों का कोई बयान सामने नहीं आया है।

बड़ी खबरें

View All

गोरखपुर

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग