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मध्यान भोजन योजना पर मंडराया संकट, गैस एजेंसियों ने स्कूलों को सिलेंडर देने से किया इंकार

रसोई गैस की किल्लत से विद्यालयों में मध्यान भोजन योजना के संचालन पर असर पड़ने की आशंका है। शिक्षकों का कहना है कि यदि गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं होगा तो बच्चों के लिए भोजन बनाना मुश्किल हो जाएगा।

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फोटो सोर्स: सोशल मीडिया, एमडीएम पर संकट

गोरखपुर में रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर प्रशासन द्वारा सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद कुछ गैस एजेंसियों की मनमानी सामने आ रही है। आरोप है कि कई क्षेत्रों में गैस एजेंसियां सरकारी परिषदीय विद्यालयों को मध्यान भोजन (एमडीएम) बनाने के लिए गैस सिलेंडर देने से मना कर रही हैं। इससे स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने में बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।

घरेलू गैस ग्राहक कार्ड के बाद भी गैस एजेंसियों ने किया इंकार

बताया जा रहा है कि सरकारी स्कूलों में मध्यान भोजन योजना के तहत भोजन बनाने के लिए क्षेत्रवार गैस एजेंसियों द्वारा घरेलू गैस ग्राहक कार्ड जारी किया गया है, जिसके आधार पर स्कूलों को सिलेंडर उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से गैस एजेंसियों द्वारा यह कहकर सिलेंडर देने से मना किया जा रहा है कि गैस केवल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध है और स्कूलों को गैस नहीं दी जाएगी।

एजेंसियों के कर्मचारी शिक्षकों को कर रहे हैं वापस

मिली जानकारी के अनुसार कौड़ीराम क्षेत्र स्थित प्रमिला इंडियन गैस सर्विस पर कई स्कूलों के शिक्षक पिछले कई दिनों से गैस सिलेंडर लेने के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन एजेंसी के कर्मचारियों द्वारा उन्हें बार-बार वापस कर दिया जा रहा है। शिक्षकों का आरोप है कि एजेंसी कर्मियों ने साफ तौर पर कह दिया कि स्कूलों के लिए गैस उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।

हेड ऑफिस से भी नहीं हो रही है सुनवाई

एजेंसी कर्मचारियों ने शिक्षकों को गोरखपुर स्थित हेड ऑफिस का मोबाइल नंबर 9454583152 देते हुए वहां संपर्क करने की सलाह दी। जब शिक्षकों ने उक्त नंबर पर संपर्क किया तो वहां से भी उन्हें यह कहकर मना कर दिया गया कि स्कूलों में मध्यान भोजन बनाने के लिए गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। इसके बाद फोन भी काट दिया गया।

प्रशासनिक निर्देशों की हो रही है अवहेलना

गौरतलब है कि हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया था कि जिले में रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है और कालाबाजारी या अनियमितता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद गैस एजेंसियों द्वारा स्कूलों को सिलेंडर देने से इनकार किए जाने से प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी का मामला सामने आ रहा है।