गोरखपुर। न जाने वह कौन सी परिस्थितियां थी कि एक मां ने अपने दो मासूम बच्चों को मारकर खुद पंखे से लटकना मुनासिब समझा। महिला की मौत के साथ ही इस हृदयविदारक घटना का राज भी सार्वजनिक होने से रह गया। हालांकि, पुलिस शवों के पोस्टमार्टम और अपनी तफ्तीश पर मामले की तह तक जाने की कोशिश में लगी हुई है। फौरी तौर मामला पति की मौत के बाद अवसाद का बताया जा रहा है। घटना कैंट क्षेत्र के झारखंडी स्थित पार्वतीनगर का है।
नलकूप विभाग में अधिशासी अभियंता के रूप में कार्यरत सुरेश सिंह अपने परिवार संग झारखंडी मंदिर के पास पार्वती नगर में रहते हैं। सुरेश सिंह की पत्नी देवरिया में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। बड़े बेटे संतोष सिंह की ट्रेन की चपेट में आने से चार साल पहले मौत हो चुकी है। संतोष सिंह की पत्नी शशि अपने दो बच्चों के साथ इनके साथ ही रहती है। सुरेश सिंह के छोटे बेटे अखिलेश सिंह एक्सिस बैंक में कार्यरत हैं। शशि के दोनों बच्चे 12 वर्षीया पुत्री एंजल कक्षा पांच एवं छोटा बेटा नैवेद्य पास के ही स्कूल में पढ़ते हैं।
परिवारीजन के मुताबिक बुधवार की रात सब सामान्य था। सबने डिनर किया और सोने चले गए। बहु शशि अंदर के कमरे में बच्चों संग सोने चली गई जबकि परिवार के अन्य सदस्य बाहर के कमरे में। सुबह जब काफी देर हो गया और शशि कमरे से बाहर नहीं आई तो परिवार का कोई सदस्य कमरे में गया। थोड़ा तेज खटखटाने से दरवाजा खुल गया। अंदर का दृश्य देखकर सब अवाक रह गए। शशि पंखे से लटक रही थी जबकि दोनों बच्चे बिस्तर पर पड़े थे। इस दृश्य को देखकर घर में कोहराम मच गया। तत्काल से सुरेश सिंह ने कैंट थाने और एमएमएमयूटी चैकी को सूचना दी। मौके पर कैंट थाने की पुलिस व एसपी सिटी पहुंच गए। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। पुलिस ने परिवारीजन से आवश्यक जानकारियां भी जुटायी।
शशि पति की मौत के बाद थी अवसाद में थीः परिजन
शशि के परिजनों के मुताबिक पति संतोष सिंह की मौत चार साल पहले नंदानगर क्रासिंग के पास ट्रेन की चपेट में आने से हो गई थी। शशि पति की मौत के बाद से अवसाद में रहने लगी थी। ससुर सुरेश सिंह के अनुसार शशि को व्यस्त रखने के लिए मोहद्दीपुर स्थित एक कंप्यूटर इंस्टीच्यूट में दाखिला कराया था। आने जाने के लिए स्कूटी भी खरीदी थी। वर्ष 2004 में शशि सिंह की शादी संतोष सिंह से हुई थी।