कैंसर रोग के विषय में जागरूकता करने से इस रोग से बचाव और समय से इलाज संभव है और विश्वविद्यालय तथा हरि प्रसाद पोद्दार कैंसर संस्थान के साथ मिलकर इस कार्यक्रम को नए सत्र में और गति देंगे ।साथ ही सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान को भी रफ़्तार मिलेगी
शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने गोरखपुर जिले में कैंसर से संबंधित मृत्यु दर और रुग्णता को कम करने के लिए हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान संस्थान के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी मुख, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर, विशेष रूप से किशोरियों और महिलाओं, के शीघ्र पता लगाने, समय पर उपचार और जागरूकता कार्यक्रमों पर केंद्रित है।
एमओयू पर हस्ताक्षर के दौरान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन, हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट के सचिव उमेश कुमार सिंघानिया, संयुक्त सचिव रसेंदु फोगला, एनएसएस के समन्वयक डॉ. सत्यपाल सिंह, महिला अध्ययन केंद्र की निदेशिका प्रोफेसर दिव्यारानी सिंह, डॉ प्रीति गुप्ता, एवं आयुष श्रीवास्तव उपस्थित थे।
शीघ्र कैंसर पता लगाना और उपचार: कैंसर रोगियों के लिए प्रभावी रेफरल तंत्र और एकीकृत अनुवर्ती देखभाल स्थापित करना
कैंसर की रोकथाम और नियंत्रण के बारे में जनता को शिक्षित करने के लिए व्यापक जागरूकता कार्यक्रमों को लागू करना
स्वास्थ्य सेवा वितरण में कमियों को दूर करके कैंसर देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना
सहयोगी प्रयास से यह पहल राष्ट्रीय ढाँचों के अनुरूप है, जिसमें कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपीसीडीसीएस) शामिल है। इस साझेदारी का उद्देश्य क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर व्यापक जन स्वास्थ्य उद्देश्यों का समर्थन करना है।
विश्वविद्यालय के युवाओं में क्षमता निर्माण करने से तथा प्रभावी कैंसर जागरूकता कार्यक्रमों के लिए युवाओं को उच्च शिक्षा में प्रशिक्षित करने से ,सामुदायिक जागरूकता और स्क्रीनिंग से उच्च जोखिम वाली आबादी के लिए नियमित जागरूकता और स्क्रीनिंग कार्यक्रम आयोजित करने से कैंसर जैसी बीमारी से ग्रसित लोगो में आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा मानसिक तनाव कम होगा ।
संयुक्त प्रयास से सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण समाज के कमजोर वर्गों की किशोरियों के बीच टीकाकरण अभियान को गति प्रदान करेगा ।
अकादमिक, अनुसंधान और युवा गतिशीलता भागीदार, इसके लिए जिम्मेदारः-कैंसर जागरूकता और टीकाकरण अभियान के लिए छात्र स्वयंसेवकों को प्रोत्साहित करना
युवाओं को संवेदनशील बनाने के लिए सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन करना।
भावनात्मक समर्थन और परामर्श सेवाओं के लिए छात्रों को प्रशिक्षित करना
एचपीपीसीएच और आरआई : नैदानिक, तकनीकी और प्रशिक्षण भागीदार, इसके लिए जिम्मेदार
गर्भाशय ग्रीवा कैंसर टीकाकरण के लिए संसाधनों को जुटाना-स्वयंसेवकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना-जागरूकता शिविरों और स्क्रीनिंग अभियानों के दौरान नैदानिक सहायता प्रदान करना
कैंसर जागरूकता में वृद्धि : पात्र आबादी के बीच बेहतर स्क्रीनिंग कवरेज- प्रारंभिक पहचान प्रारंभिक चरण का पता लगाने की दर में वृद्धि- बेहतर उपचार पालन : मानकीकृत रेफरल और देखभाल मार्ग
इस साझेदारी का उद्देश्य गोरखपुर जिले में कैंसर सहित गैर-संचारी रोगों के बढ़ते बोझ को दूर करना है। एक साथ काम करके, डीडीयूजीयू और एचपीपीसीएच एंड आरआई कैंसर की रोकथाम और नियंत्रण में महत्वपूर्ण प्रभाव ला सकते हैं ।