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गोरखनाथ मंदिर पर हमला करने वाले मुर्तजा को फांसी की सजा, NIA-ATS की कोर्ट ने सुनाई सजा

गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में 4 अप्रैल 2022 को हमला हुआ था। आतंकी मुर्तजा मुंबई से आया था। वह मुंबई से IIT की पढ़ाई किया है। उसे 10 महीने में फांसी की सजा हो गई।

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गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में 4 अप्रैल 2022 को मुंबई से आए एक युवक ने मंदिर में जबरन घुसने का प्रयास किया था। सुरक्षा में तैनात पीएसी के जवानों को शक हुआ तो उसे रोका था। युवक ने गमछे में बांका लपेटकर रखा था। उसने बांका निकालकर जवानों पर हमला कर दिया था। हमले में पीएसी के 2 जवान घायल हुए थे।

NIA-ATS की अदालत के विशेष जज विवेकानन्द शरण त्रिपाठी ने सुनवाई सजा
लखनऊ में NIA-ATS की कोर्ट ने आतंकी मुर्तजा को फांसी की सजा सुनाई है। वह गोरखनाथ मंदिर हमले का दोषी है। अप्रैल 2022 में मामले की रिपोर्ट विनय कुमार मिश्रा ने गोरखपुर के गोरखनाथ थाने में दर्ज कराई थी।

लखनऊ में NIA-ATS की अदालत के विशेष जज विवेकानन्द शरण त्रिपाठी ने सजा पर सुनवाई के लिए सोमवार की तारीख तय की थी। जिसके बाद कोर्ट ने आज इस मामले में अपना फैसला सुनाया।

UAPA के तहत आतंकी घोषित
UP ATS ने मुर्तजा को UAPA यानी गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम के तहत आतंकी घोषित की थी। इस कानून का मुख्य उद्देश्य आतंकी गतिविधियों को रोकना होता है। मुर्तजा को सजा सुनाए जाने से पहले उसके परिवार के लोग घर छोड़कर कहीं और शिफ्ट हो चुके हैं।

रसूखदार परिवार का बेटा है मुर्तजा
मुर्तजा गोरखपुर के एक रसूखदार परिवार का इकलौता बेटा है। मुर्तजा की फेमली सिविल लाइंस में रहती है। मुर्तजा ने भी किसी मामूली संस्थान से नहीं बल्कि उसने IIT मुंबई से इंजीनियरिंग की है।

उसके पिता कई बैंकों और मल्टीनेशनल कंपनियों के लीगल एडवाइजर हैं। चाचा डॉ. केए अब्बासी शहर के एक फेमस डॉक्टर हैं। वह सिविल लाइन पार्क रोड स्थित अब्बासी नर्सिंग होम चलाते हैं। इतना ही नहीं, दादा गोरखपुर के जिला जज भी रह चुके हैं।

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