
akhilesh yadav yogi adityanath
गोरखपुर। सूबे में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद भारतीय जनता पार्टी पहली बार जनता के बीच निकाय चुनाव के बहाने जा रही। यूं कहे कि निकाय चुनाव के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी पहली छमाही परीक्षा परीक्षा देने जा रहे। जनता की इस परीक्षा में कोई चूक न हो जाए इसके लिए सरकार से लेकर संगठन तक हर स्तर पर कोशिश में लगा है कि जनता का ज्यादे से ज्यादे जनसमर्थन मिल सके।
भगवान श्री राम की शरण से चुनावी जनसभा का आगाज आज से बीजेपी कर रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस चुनाव के लिए लग चुके हैं। वह और उनका पूरा मंत्रिपरिषद, विधायकों-सांसदों की टोलियां, बीजेपी के बूथ से लेकर राष्ट्रीय पदाधिकारी तक निकाय चुनाव में जनता को लुभाने निकल चुका है। बीजेपी जनता को लुभाने के लिए अपने अनुसांगिक संगठनों को भी लगा दी है। आरएसएस, एबीवीपी, किसान सभा, सेवा भारती सहित अन्य समस्त संगठनों को भी मैदान में उतार दी है।
अपने गढ़ में मेयर जीताने के लिए दो-दो जनसभा करेंगे सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने गोरखपुर शहर के नगर निगम क्षेत्र में दो जनसभाएं करेंगे। शहर के 70 वार्डों को दो हिस्सों में बांटा गया है। दोनों में मुख्यमंत्री की एक एक जनसभा होगी। इस बार संगठन मुख्यमंत्री के शहर में किसी वजह से हार स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है। मुख्यमंत्री 35-35 वार्ड के लिए एक एक जनसभा करेंगे। 16 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शहर में पहली जनसभा राप्ती नगर स्थित अंबेडकर उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में दोपहर बाद होगी। यहां आसपास के 35 वार्डो से भाजपा प्रत्याशी एवं मेयर प्रत्याशी रहेंगे। मुख्यमंत्री की दूसरी जनसभा शेष वार्डो के लिए 20 नवंबर को महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में सुबह होगी। इसमें शेष वार्ड के बाकी प्रत्याशी होंगे।
तीन दिन झोंक देंगे पूरी ताकत
शहर गोरखपुर में मेयर और पार्षदों को जितवाने के लिये बीजेपी अपनी पूरी ताकत तीन दिन झोंक देगी। प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने कहा कि 18,19 एवं 20 नवंबर को महानगर में रहने वाले प्रदेश, राष्ट्रीय,क्षेत्रीय पदाधिकारी, सांसद, विधायक, महानगर के पदाधिकारी, मंडल के पदाधिकारी जनसंपर्क करेंगे एवं भाजपा के पक्ष में वोट डालने की अपील करेंगे।
अब आई जनसंघ के लोगों की याद
भारतीय जनता पार्टी जीत के लिए सबकुछ करने जा रही जो भूल चुकी थी। इस चुनाव में जनसंघ के बुजुर्गों की और उनके परिवार को भी याद किया जा रहा जिनको सरकार बनने के बाद उपेक्षित छोड़ दिया गया था। गोरखपुर आये सुनील बंसल ने रणनीति बनाते हुए चुनाव संचालन समिति से कहा कि जनसंघ काल के या भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं को भी साथ में रखकर उनका मार्गदर्शन लेना चाहिए।
नए मुद्दों पर मैदान में, पुराने पर गोलमोल जवाब
भारतीय जनता पार्टी इस चुनाव में नए मुद्दों पर चुनाव लड़ने जा रही। विधानसभा या लोकसभा के चुनाव में किये गए वादे या वह कितने पूरे इसपर पार्टी फिलहाल कुछ बोल नहीं रही। शहरी सरकार में बीजेपी का ही दबदबा रहा है। विभिन्न मुद्दों पर फेल रही बीजेपी की लोकल सरकार अब इस विफलता पर प्रदेश में बीजेपी सरकार का न होना बता रही। हालांकि, छह माह में सभी जगह बीजेपी की सरकार होने के बाद भी कोई ख़ास बदलाव नहीं दिखने से कार्यकर्ता सीधे तौर पर उपलब्धियां गिनाने से भी बचना ही चाह रहे। सफाई, गड्ढामुक्त सड़कों, बिजली की निर्बाध आपूर्ती में विभिन्न स्तरों पर चूक रही प्रदेश सरकार जनता को मनभावन जवाब देकर मनाने की कोशिश तो कर रही लेकिन केंद्र के कई फैसले भी संगठन को बैकफुट पर ले जा रही। खैर, भगवान श्रीराम की नगरी से चुनावी सभा का आगाज कर बीजेपी ने यह संदेश दे दिया है कि इस बाद भी वह राम और भगवान के सहारे ही चुनावी वैतरणी पार करना चाहती है।
Published on:
14 Nov 2017 01:07 pm
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