22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीएम योगी के अतिकरीबियों में शुमार रहे सुनील सिंह पर रासुका

  सत्ता से रार महंगा पड़ा, हियुवा से निकाले जाने के बाद बनाए थे एक संगठन

2 min read
Google source verification
up news

हिंदू युवा वाहिनी ने शिवसेना अध्यक्ष उद्दव ठाकरे को दी खुली चुनौती,कहा- औकात हो योगी के खिलाफ लड़कर दिखायें चुनाव

कभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अतिकरीबियों में शुमार रहे हिंदू युवा वाहिनी से बर्खास्त होने के बाद हिंदू युवा वाहिनी भारत बनाने वाले सुनील सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। सत्ताधारी संगठन से पंगा लेना उनको भारी पड़ रहा है। गोरखपुर पुलिस ने हिंदू युवा वाहिनी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह और महानगर के पदाधिकारी चंदन विश्वकर्मा के खिलाफ रासुका की कार्रवाई शुरू की है। दोनों पर थाने में हंगामा व तोड़फोड़ का केस दर्ज था। इसके बाद शहर में मिली एक लावारिश गाड़ी में पेट्रोल बम व असलहा मिला जिस पर सुनील सिंह का स्टीकर लगा हुआ था। इस मामले में भी केस दर्ज किया गया था। फिलवक्त दोनों आरोपी जेल में हैं।
बीते विधानसभा चुनाव में हिंदू युवा वाहिनी से बगावत करने वाले प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह को संगठन से निकाल दिया गया था। सुनील सिंह ने बीजेपी से बगावत कर हियुवा के प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया था। मामला बीजेपी हाईकमान से योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा था। इसके बाद सुनील सिंह सहित करीब आधा दर्जन नेताओं को संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। बीजेपी सुप्रीमो अमित शाह सहित पार्टी के कई बड़े नेताओं को गोरखपुर में कैंप करना पड़ा था। बागी प्रत्याशियों को मैदान से हटाने के लिए भाजपा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काफी प्रयास किया तब जाकर मामला शांत हुआ।
चुनाव बीतने के बाद भी हियुवा से निकाले गए प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह बगावत की राह पर ही रहे। हालांकि, योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद कुछ महीनों तक मंदिर से लेकर लखनउ आना जाना रहा लेकिन बात न बनती देख सुनील ने हिंदू युवा वाहिनी भारत नामक संगठन खड़ा कर लिया। संगठन के बैनर तले लोकसभा चुनाव लड़ने के ऐलान के साथ जिला-जिला घूमकर इसकी मजबूती में लग गए।
उधर, गोरखपुर में भी हियुवा भारत की गतिविधियां बढ़ गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कर्मक्षेत्र होने के नाते यहां हियुवा भी पूरी तरह से सक्रिय है। ऐसे में आए दिन असली-नकली युवा को लेकर दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच आए दिन ठनती रही। करीब एक पखवारे पहले मामला काफी बिगड़ गया। असली-नकली का यह मामला राजघाट थाने पहुंचा। सत्ताधारी संगठन हियुवा के कार्यकर्ता की शिकायत पर पुलिस ने हियुवा भारत के एक कार्यकर्ता को थाने में बिठा लिया गया। हियुवा भारत के कार्यकर्ताओं ने थाने पर बवाल काटना शुरू कर दिया। पुराने तेवर के अनुरूप सुनील सिंह भी कुछ लोगों के साथ थाने पहुंच गए। मामला बिगड़ने लगा। कई थानों की पुलिस बुला ली गई। फिर पुलिस ने लाठीचार्ज कर हियुवा भारत के कार्यकर्ताओं को खदेड़ने के साथ इसके अध्यक्ष सुनील सिंह सहित कईयों को भी लाॅकअप में डाल दिया। फिर इस प्रकरण सहित अन्य कई मामलों में सुनील सिंह को जेल भेज दिया। करीब एक सप्ताह बाद पुलिस ने बताया कि शहर के लाल डिग्गी के पास एक लावारिस कार मिली। इस कार पर सुनील सिंह का स्टीकर लगा था। तलाशी लेने पर उसमें पेट्रोल बम व असलहा बरामद हुआ। इस मामले मेें भी पुलिस ने रपट दर्ज कर ली।
इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुनील सिंह व उनके सहयोगी कार्यकर्ता चंदन विश्वकर्मा पर रासुका की संस्तुति भी कर दी है।

बड़ी खबरें

View All

गोरखपुर

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग