Operation Trinetra: जिले का लगभग हर कोना वर्तमान में तीसरी आंख की जद में है, पूरे जिले में CCTV का जाल बिछ चुका है। आज यहां किसी घटना के बाद कैमरे ही पुलिस को अपराधियों तक पहुंचा दे रहे हैं। यह सफलता गोरखपुर पुलिस को अनायास ही नही मिली है। इसके पीछे की कहानी और प्रयास कुछ यूं रहा है।
Operation Trinetra: जिले का लगभग हर कोना वर्तमान में तीसरी आंख की जद में है, पूरे जिले में CCTV का जाल बिछ चुका है। आज यहां किसी घटना के बाद कैमरे ही पुलिस को अपराधियों तक पहुंचा दे रहे हैं। यह सफलता गोरखपुर पुलिस को अनायास ही नही मिली है। इस सफलता के पीछे की ये है कहानी।
ADG अखिल कुमार ने बताया की शुरुआत में जब शहर के मुख्य चौराहों पर लगे कैमरों से मॉनिटरिंग कर ट्रैफिक सिस्टम दुरुस्त किया जा सकता है तो यह कैमरे अपराधियों तक भी आसानी से पहुंचा सकते हैं। इसको असली जामा पहनाने के लिए शुरू हुआ "आपरेशन त्रिनेत्र "। यह ऑपरेशन पिछले साल 7 जून से शुरू हुआ था। पहले तो इसमें लोगों ने विशेष रुचि नहीं दिखाई। बड़े दुकानदारों, डॉक्टरों आदि ने अपने तरफ से इसकी शुरुआत की। उसी दौरान कुछ ऐसी अपराधिक घटनाएं हुईं जो सीमित मात्रा में लगे सीसीटीवी कैमरों से वर्क आउट हो गई। इसे देख धीरे-धीरे लोगों में रुचि बननी शुरू हुई। इसके बाद इस मुहिम में जनप्रतिनिधि, थाना प्रभारी, व्यापारी से आम जनता तक आगे आने लगी।
आपरेशन त्रिनेत्र की शुरुआत पहले गोरखपुर जोन में ही हुई थी मगर अपराध की रोकथाम में इसकी अहम भूमिका को देखते हुए यूपी के सभी जिलों में लागू किया गया। गोरखपुर शहर में सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाने में यूपी में पहला स्थान पाया। शाहपुर थानाक्षेत्र में सर्वाधिक कैमरे लगवाने पर जून 2022 से अब तक तैनात रहे इंस्पेक्टरों को पुरस्कृत करते हुए एडीजी ने एक खुली प्रतियोगिता का ऐलान किया है। प्रतियोगिता शाहपुर थानाक्षेत्र में होगी, जिसमे भाग लेने वालों को क्षेत्र में लगे कैमरों की जद में आये बिना वहां से निकलना होगा।शाहपुर इलाके में कुल 3000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जोकि यूपी में सबसे ज्यादा हैं।
SP सिटी देना चाहते हैं ये सन्देश
प्रतियोगिता की जिम्मेदारी नोडल अधिकारी एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई को सौंपी गई है। इस प्रतियोगिता का मकसद लोगों को यह संदेश देना है कि कैमरों की वजह से कोई भी अपराधी अब पुलिस की नजर से बच नहीं सकता।