
योगी सरकार का नया दांव
धीरेन्द्र गोपाल की रिपोर्ट...
गोरखपुर. वैश्विक आकर्षण का केंद्र ताजमहल को लेकर तमाम विरोधाभाषी बयानों व विवादों के बीच नए साल (2018) के प्रदेश सरकार के हेरिटेज कैलेंडर में ताजमहल को जगह मिल चुका है। गोरखनाथ मंदिर, विन्ध्यांचल धाम, संगम सहित श्री कृष्ण के मथुरा को भी कैलेंडर के अलग-अलग महीने में प्रदर्शित किया गया है। कैलेंडर के हर पेज पर एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोटो है। सूचना व जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा जारी होने वाले इस कैलेंडर में 'सबका साथ- सबका विकास, उत्तर प्रदेश का सतत विकास' नारा लिखा गया है। पर्यटन बुकलेट में ताज को नहीं मिली जगह, मुख्यमंत्री ने दी थी सफाई बीते दिनों उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन बुकलेट में ताजमहल को जगह नहीं मिली थी।
उत्तर प्रदेश में ताजमहल सबसे अधिक राजस्व देने वाला पर्यटन केंद्र है। देश- विदेश से लाखों लोग ताज देखने आते हैं। यूनेस्को की सूची में भी ताजमहल को जगह मिली हुई है। ताजमहल को पर्यटन बुकलेट में जगह नहीं मिलने से काफी हो हल्ला मचा था। सरकार को इसके लिए सफाई तक देनी पड़ी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों खुद कहा था कि ताजमहल के लिए अलग से 379 करोड़ की कार्ययोजना बनाई गई है।
वर्ल्ड बैंक इसके लिए धन जारी करने वाला है इस लिए इसको पर्यटन बुकलेट से अलग रखा गया था। इस बुकलेट में उन स्थानों का जिक्र है जिनका एक साथ विकास किया जाएगा। ताजमहल के लिए विशेष बजट वर्ल्ड बैंक दे रहा। संगीत सोम ने भी ताज पर विवादित बयान दिया कुछ लोगों को दर्द हुआ कि आगरा का ताजमहल ऐतिहासिक स्थलों में से निकाल दिया गया है। कैसा इतिहास, कहां का इतिहास कौन सा इतिहास। उसको बनाने वाला हिंदुओं का सफाया करना चाहता था।ऐसे लोगों का नाम अगर इतिहास में होगा तो ये दुर्भाग्य की बात है। मैं गारंटी के साथ आपसे कहता हूं इतिहास बदला जाएगा। इतिहास बदल रहा है। पिछले बहुत सालों में देश और उत्तर प्रदेश में जो इतिहास बिगाड़ने का काम हुआ है, आज हिन्दुस्तान और उत्तर प्रदेश की सरकार उस इतिहास को किताबों में लाने का काम कर रही है।
हमारी सरकार राम से लेकर महाराणा प्रताप और शिवाजी तक का इतिहास किताबों में लाने का काम कर रही है। और जो कलंक कथा किताबों में लिखी गई है, वो चाहे अकबर के बारे में हो, औरंगजेब के बारे में हो, चाहे बाबर हो उनके इतिहास को निकालने का काम कर रही है सरकार। आज़म खान भी कूद पड़े थे ताज विवाद में... समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान ने ताज के विवाद पर तंज कसते हुए कहा था कि मैं तो पहले ही कह चुका हूं कि उन सभी इमारतों को गिरा देनी चाहिए जिससे गुलामी की बू आती है, अकेले ताजमहल की क्यों? संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, क़ुतुबमीनार, लालकिले को भी गिरा देना चाहिए।
आज़म यहीं नहीं रुके उन्होंने सीधे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को घेरते हुए कहा था कि मैं तो छोटे बादशाह से कहा कि आप आगे बढिये, हम आपके साथ हैं। आप पहला फावड़ा चलाइये दूसरा हम चलाएंगे। पूरे देश में आपकी पार्टी का कब्ज़ा है, अब नहीं करेंगे तो कब। योगी ने बताया ताज को भारतीय मजदूरों के खून पसीना की देन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत में ताजमहल है, आज पूरी दुनिया से लोग इसे देखने आते हैं। यह भारतीय मजदूरों के खून-पसीना की देन है। कौन बनवाया इसका कोई महत्व नहीं है।
भारत की इस विशिष्ट विरासत के संरक्षण की जिम्मेदारी हमारी है। उन्होंने कहा कि दुनिया के लाखों पर्यटक इसको देखने के लिए आते हैं। यह हमारे देश में हैं, हमारे मजदूरों ने इसे बनाया है। इसके संरक्षण के लिए हम काम कर रहे। किस महीना के पेज पर क्या... - जनवरी प्रयागराज त्रिवेणी संगम - फरवरी अयोध्या की राम की पैड़ी - मार्च मथुरा बरसाने की होली - अप्रैल पीलीभीत श्री नानकमत्ता साहिब - मई ललितपुर का देवगढ़ जैन मंदिर - जून सारनाथ का स्थूप - जुलाई आगरा का ताजमहल -अगस्त झांसी में रानी झाँसी का किला - सितम्बर श्री कृष्ण की जनस्थली मथुरा का मंदिर - अक्टूबर विन्ध्यांचल मंदिर ( अष्टभुजा देवी, विंध्यवासिनी देवी और कालीखोह) - नवम्बर काशी विश्वनाथ मंदिर - दिसंबर गोरखनाथ में गोरक्षनाथ मंदिर
Published on:
20 Oct 2017 05:49 pm
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