
गोरखपुर। तुम्हारी फाइलों में मेरे गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं ये दावा किताबी है। भ्रष्टाचार की दीमक से खोखला हो चुके गांव के बदहाल विकास की कहानी बयां करने वाले अदम गोंडवी भले ही गोरखपुर के ब्रह्मपुर गांव शायद ही आये हो लेकिन उनकी कविता शतप्रतिशत इस गांव की स्थिति बयां कर रही।
मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का आदेश दिया। कुछ काम भी हुआ लेकिन आज आठ महीने से अधिक समय होने को आये और अधिकतर सड़कों पर हिचकोले खाती गाड़ियां, जगह जगह बड़े बड़े गड्ढे वाली सड़कें प्रदेश सरकार के आदेशों को मुंह चिढ़ाते दिख जाएगी।
कम से कम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिले के ब्रह्मपुर ब्लॉक के जंगल रसूलपुर गांव के लोगों के सामने गड्ढामुक्त सड़क की बात तो बेमानी ही होगी। सबसे अहम यह कि सीएम का जिला हो और अधिकारी बजट का रोना रोये तो विकास के सरकारी दावे पर शक की उंगली उठनी लाजिमी है।
ब्रह्मपुर के जंगल रसूलपुर गांव के नई बाजार के पास लोगों का आना जाना दुश्वार है। जान जोखिम में डाल कर लोग आ जा रहे हैं। सड़क गड्ढे में तब्दील हो चुकी है और जल निकासी नहीं होने से सड़क पर कई फीट पानी लगा हुआ है। आसपास बने घरों के लोग थोड़ी थोड़ी जगह मिट्टी भरवा दिए हैं ताकि वह अपने घरों में आसानी से जा सके। ऐसे में आने जाने वाली गाड़ियों को काफी दिक्कत हो रही। ट्रेंड ड्राइवर भी एकबारगी इस सड़क से होकर गुजरने में कांप जाएगा। आलम यह कि कभी भी इस सड़क से गुजरते समय कोई गाड़ी पलट सकती है। लेकिन साहबों को कोई फर्क नहीं पड़ता।
अधिकारियों से गुहार लगाते-लगाते थक चुके लोगों ने जब सड़क जाम किया तो मौके पर पहुंची नायाब तहसीलदार अमिता यादव ने लोगों को समझाते हुए धन के न होने का दुखड़ा सुनाया। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय विधायक इसके लिए लगी हैं लेकिन फिलहाल कुछ हो नहीं सकता।