
राजीव अग्रवाल
गोरखपुर. पूर्वोत्तर रेलवे के नवागत महाप्रबन्धक राजीव अग्रवाल ने गोरखपुर में कार्यभार संभालने के बाद कहा कि कोई भी यात्री को रेल सुविधाओं से वंचित न रहे, सबको सुविधा मुहैया कराना मकसद है। रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों के सहयोग से इसे परवान चढ़ाने की कोशिश होगी।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक राजीव अग्रवाल 1982 में भारतीय रेल विद्युत इंजीनियरिंग सेवा (आई.आर.एस.ई.ई.) के माध्यम से रेल सेवा केलिए सेलेक्ट हुए थे। श्री अग्रवाल ने मण्डल रेल प्रबन्धक चक्रधरपुर (दक्षिण पूर्व रेलवे), मुख्य विद्युत लोको इंजीनियर (मध्य, पूर्व-मध्य, पश्चिम रेलवे) तथा मुख्य विद्युत इंजीनियर (रोलिंग स्टाक), मुम्बई रेलवे विकास निगम के पदों के दायित्वों का निर्वाह सफलतापूर्वक किया है।
विद्युत इंजनों, टीआरडी इन्स्टालेशनों, ईएमयू एवं अन्य रेलवे प्रतिष्ठानों के अनुरक्षण, संचालन एवं प्रबन्धन का गहन अनुभव रखने वाले अग्रवाल ने जापान, जर्मनी, स्पेन और यूएसए में अनेक प्रबन्धन एवं तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक पद पर पदोन्नत होने से पूर्व वह अपनी सेवाएं मध्य रेलवे के मुम्बई स्थित मुख्य विद्युत इंजीनियर के पद पर अपनी से दे चुके हैं। रविवार की देर शाम राप्ती सागर एक्सप्रेस से पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर पहुँचे श्री अग्रवाल का जोरदार स्वागत हुआ था। इसमे वरिष्ठ रेल अधिकारियों के अलावा कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल रहे। महाप्रबन्धक ने लखनऊ जंक्शन स्टेशन पर वरिष्ठ रेल अधिकारियों के साथ यात्री सुविधाओं एवं साफ-सफाई और लखनऊ-गोरखपुर रेल खण्ड का विण्डो ट्रेलिंग का निरीक्षण कर अपनी मंशा साफ कर दी थी।
पूर्वोत्तर रेलवे की व्यवस्था में तब्दीली संभव
माना ये जा रहा है कि नवागत महाप्रबन्धक राजीव अग्रवाल को पूर्वोत्तर रेलवे की कमान मिलने के बाद पूर्वात्तर रेलवे में भी कई अहम बदवाल हो सकते हैं। खासकर इस जोन की गाड़ियों का समय से परिचालन न होना बड़ी समस्या के रूप में देखा जाता है। इसके साथ ही साफ-सफाई और रेलवे जोन को पूरी तरह से विकसित किये जाने जैसी संभवनायें निश्चित तौर पर देखी जा रही है।
Published on:
25 Sept 2017 02:32 pm
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