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तस्वीरें: गीताप्रेस गोरखपुर में ऐसे होती है रामचरितमानस की छपाई

देश-विदेश से मंगवाए गए मशीनों पर रामचरितमानस और धार्मिक पुस्तकों को गीताप्रेस छापता है। 60 लाख से लेकर 13 करोड़ की मशीन गीताप्रेस में लगी हुई है, जो लगातार कई सालो से छपाई का काम कर रहीं है।

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इस मशीन का नाम ओरिएंट सुपर है, जिसे भारत में ही तैयार किया जाता है। इसकी कीमत 60 लाख रुपए है।

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इस मशीन का नाम कोमोरि है, इसकी कीमत 5 करोड़ रुपए है। इस मशीन को जापान से मंगवाया गया है। इस मशीन से रंगीन पन्नो की छपाई की जाती

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छपाई शुरू करने से पहले प्रिंटिंग प्लेट तैयार किया जाता है। इन प्लेटों की मदद से ही जो भी पन्नो पर लिखना होता है, इन्ही प्लेटों पर सबसे पहले लिखा जाता है।

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इन्ही कागजों पर छपाई का काम किया जाता है। इन कागजों के रोल को अलग-अलग जगहों से किलो के हिसाब से मंगवाया जाता है।