यह बातें वरिष्ठ कथाकार प्रो. रामदेव शुक्ल ने कही। वह प्रेमचन्द साहित्य संस्थान द्वारा गोरखपुर क्लब में कथाकार रवि राय के कहानी संग्रह बजरंग बली के लोकार्पण और उस पर बातचीत के कार्यक्रम में बोल रहे थे। रवि राय का यह पहला कहानी संग्रह है और इसमें उनकी छह कहानियां- ’ ग्रीशा ’, ‘ नेमप्लेट ’, ‘ मामा जी ’, ‘ चोर ’, ‘ बजरंग अली ’ और ’ माया बाबू ’ प्रकाशित हुई हैं।