
NE रेलवे के लखनऊ से बिहार होते हुए बंगाल और असम को जानी वाली रेलवे लाइन के कमर्शियल उपयोग को देखते हुए इसे फोरलेन में तब्दील करने की कवायद शुरू हो गई है। रेलवे बोर्ड ने गोंडा के मनकापुर से गोरखपुर होते हुए सीवान के कोपा तक फोरलेन रेलवे ट्रैक के सर्वे के लिए मंजूरी दे दी है। इसके लिए 12 करोड़ रुपये की रकम जारी कर दी गई है।
रेलवे बोर्ड ने सर्वे के लिए 16 प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इसके लिए 12 करोड़ रुपये जारी भी कर दिए हैं। इन 16 प्रोजेक्ट में सबसे अहम मनकापुर-डोमिनगढ़-कुसम्ही-कोपा तक चौथी और सरदारनगर से खजनी बाईपास लाइन है। चौथी लाइन के सर्वे के लिए 5.5 करोड़ रुपये जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही खजनी बाईपास लाइन के सर्वे के लिए 35 लाख का बजट स्वीकृत किया गया है। करीब 34.67 किमी लंबे बाईपास लाइन के लिए पूर्वोत्तर रेलवे के निर्माण विभाग ने प्रारंभिक सर्वे पूरा कर लिया है। अब इसके फाइनल लोकेशन सर्वे का काम शुरू किया जाएगा। इस पर 945 करोड़ का खर्च आएगा।
चार लाइन के बन जाने से ट्रेनों की स्पीड तो बढ़ेगी ही साथ ही ट्रेनों की संख्या भी बढ़ेगी। अभी लाइन की क्षमता से डेढ़ गुनी ट्रेनें चलाई जा रही हैं जिससे सभी ट्रेनों को समय पर रास्ता नहीं मिल पा रहा है। इन्हीं वजहों से ट्रेनें आए दिन लेट हो रही हैं और प्रस्तावित नई ट्रेनें नहीं चल पा रही हैं।
Published on:
04 Dec 2024 08:13 pm
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