पुलिस के अनुसार, सुल्तान ने चोरी के लिए आठ सदस्यों का गैंग बनाया था। अपने गैंग में वह लगातार नए सदस्यों को जोड़ रहा था। नए जुड़ने वाले सदस्यों से वह चोरी करने वाली जगह की रेकी करवाता था। ये लोग दिन में रेकी कर दुकान या किसी के मकान की पहचान करते और रात में पूरा गिरोह मिलकर चोरी करता।