
पहले मौलाना ने नाबालिग से घिनौनी हरकत, फिर छात्रा को ब्लैकमेल कर महीनों तक की जाती रही दरिंदगी
गोरखपुर। सनातन धर्म और भारतीय समाज में पति-पत्नी के रिश्ते को काफी पवित्र माना जाता है। कहतेेेे हैं कि देवी सावित्री ने अपनेे पति सत्यवान को साक्षात यम से वापस पा लिया था लेकिन एक कलयुगी पत्नी ने चंद रुपयों की खातिर अपने पति को मौत के मुंह में धकेल लिया। पाई-पाई करके इलाज के लिए जुटाए पैसे को लेकर चंपत हो गई। पंद्रह लाख से अधिक रुपये लेकर फरार होने वाली पत्नी के खिलाफ पति ने केस दर्ज करा दिया है।
गोरखपुर के रहने वाले मनीष कुमार द्विवेदी की शादी साल 2004 में लखनउ के अलीगंज की रहने वाली एक युवती से हुई थी। किसी प्राइवेट कंपनी में मनीष जाॅब करते थे। इसलिए पति-पत्नी करीब एक दशक तक दिल्ली और गुड़गांव में रहे। करीब चार साल पहले मनीष को मुख का कैंसर हो गया। काफी दिनों तक इलाज कराने के बाद वह दिल्ली के ही मेदांता अस्पताल में इसका आॅपरेशन कराया। इसके बाद पति-पत्नी लखनउ आकर रहने लगे। यह दंपत्ति अलीगंज में ही रहने लगा।
मनीष की मदद खातिर उसके माता-पिता ने करीब बीस लाख रुपये इनको दे दिए। चूंकि, मनीष कुमार द्विवेदी और उनकी पत्नी का संयुक्त खाता था इस वजह से दोनों ने दवा-इलाज के इस पैसे को खाते में डाल दिया। मनीष के अनुसार दो-तीन महीना पहले अचानक से पत्नी का व्यवहार बदलने लगा। पत्नी आए दिन उसके साथ दुव्र्यवहार करने लगी। बताया कि मार्च में उसने घर से पति को निकाल दिया। दोनों में समझौता नहीं हो सका तो फिर वह गोरखपुर स्थित अपने घर आ गया।
बताया कि कुछ दिनों बाद उसे दवा के लिए रुपये की आवश्यकता हुई। बैंक रुपये निकालने पहुंचा तो बैंक से लाखों में खाते से निकासी की बात बताई। मनीष के संयुक्त खाते से पत्नी ने करीब पौने पंद्रह लाख रुपये निकाल लिए थे। लाॅकर में रखे गहने भी निकाले जा चुके थे।
मनीष ने बताया कि अभी वह रुपयों को लेकर परेशान ही था कि पत्नी ने केस दर्ज कराते हुए घरेलू हिंसा का नोटिस भी तामीला करा दिया। नोटिस मिलने से परेशान मनीष जब कुछ स्वस्थ्य हुए तो अलीगंज थाने पहुंच वस्तुस्थिति से अवगत कराया। तहरीर देकर केस दर्ज कराने की मांग की।
Published on:
13 Jun 2018 02:14 pm
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