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योगी राज में एनकाउंटर का डर ऐसा कि नाम आते ही आरोपी कर रहे सरेंडर

हत्या के एक मामले में दो आरोपियों ने पुलिस के सामने सरेंडर करने के बाद दिए बयान से खलबली मचा दी

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गोरखपुर। शहर में प्रापर्टी डीलर की हुई हत्या के मामले में सोमवार को दो आरोपियों ने सरेंडर किया। सरेंडर कर रहे दोनों आरोपियों ने सरेंडर तो किया लेकिन बयान देकर एक खलबली भी मचा दी। सरेंडर करने वाले आरोपियों ने कहा कि मीडिया से पता चला कि उनके उपर पुलिस ने इनाम का ऐलान किया है। कहीं उनका पुलिस एनकाउंटर न कर दे इसलिए वह लोग सरेंडर किए हैं। इस आत्मसमर्पण से पुलिस को बढ़ी सफलता मिली है। लेकिन आरोपियों के बयान ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मौजूं सवाल यह कि क्या पुलिस का खौफ इतना बढ़ गया है कि केवल पुलिस की फाइल में नाम दर्ज होते ही एनकाउंटर का डर सता रहा।


प्रापर्टी डीलर की हत्या में नाम आने के बाद इनाम घोषित

शहर के शाहपुर थानाक्षेत्र के बिछिया में प्रापर्टी डीलर संतोष साहनी उर्फ छोटू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर साहनी की हत्या कर दी थी। खून से लतपथ लाश सड़क किनारे बरामद हुई थी। पुलिस ने इस मामले में टिंकू पासवान नामक एक व्यक्ति को हिरासत में लिया था। पूछताछ के दौरान टिंकू पासवान ने बताया कि उसकी संतोष साहनी से पैसों की लेनदेन को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद संतोष ने मोबाइल पर टिंकू और उसके साथी मानवेंद्र को काफी अपशब्द कहे। इस बात से गुस्साएं टिंकू और मानवेंद्र उसे खोजते हुए बिछिया गए। वहां संतोष अपने एक मित्र राजीव ऋषि तिवारी के घर बैैैठा हुआ था। पुलिस के अनुसार वहां पहुंचकर उसने संतोष को गोली मार दी और फरार हो गए। पुलिस ने पांच लोगों को नामजद किया था। सोमवार को नामजद दो आरोपियों मानवेंद्र सिंह व संजय निषाद ने सीओ क्राइम कार्यालय में सरेंडर किया।

इस संबंध में सीआे अपराध शाखा प्रवीण सिंह कहते हैं कि हत्या के मामले में दो आरोपियों ने सरेंडर किया है। पुलिस के भय से अपराधी सरेंडर कर रहे हैं। इन आरोपियों पर पंद्रह हजार का इनाम घोषित था।

 

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