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पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने गोरखपुर विवि छात्रसंघ चुनाव को लेकर कही बड़ी बात

विवि छात्रसंघ चुनाव
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गोरखपुर

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Dheerendra Vikramadittya

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Updated: 12 Sep 2018, 11:09 AM IST

akhilesh

Akhilesh Yadav

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के स्थगित किए जाने के बाद राजनैतिक सरगरमी और तेज हो गई है। विपक्ष सत्तापक्ष को घेरने में लगा है। विपक्ष का कहना है कि सत्ताधारी दल के छात्र संगठन की हार की आशंका को देखते हुए विवि चुनाव को नहीं कराया जा रहा है।
समाजवादी पार्टी के मुखिया पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विवि चुनाव नहीं कराए जाने पर सीधे तौर पर बीजेपी की सरकार को घेरा है। उन्होंने ट्वीट किया है, ‘ लगता है गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव में हारने के बाद अब कुछ लोगों को गोरखपुर विवि छात्रसंघ चुनाव में भी हार का डर सता रहा है, इसलिए वोट चुनाव टाल रहे हैं। ये चुनाव से पहले ही हार मान लेने का सबूत है। छात्रों से उनका अधिकार छीनना अलोकतांत्रिक है।’

मंगलवार को बवाल के बाद चुनाव को कर दिया गया था स्थगित

गोविवि में गुरुवार के दिन छात्रसंघ चुनाव के लिए वोट पड़ने थे। चुनाव प्रचार मंगलवार को अपने अंतिम दौर में था। छात्रनेता अपने अपने प्रत्याशियों के लिए प्रचार कर रहे थे। कैंपस में लाॅ फेकल्टी में क्लासेस चल रहे थे। उसी दौरान एबीवीपी प्रत्याशी रंजीत सिंह श्रीनेत के समर्थक प्रचार करने पहुंचे। क्लास ले रहे विवि के एक शिक्षक ने छात्रों को शोर-शराबा करने से मना करते हुए बाद में प्रचार करने की बात कही। आरोप है कि छात्रों का गुट वादविवाद पर उतर आया। कहासुनी होते होते मामला बिगड़ गया। एबीवीपी के छात्रों ने शिक्षकों के साथ दुव्र्यवहार करना शुरू कर दिया। इसी बीच लाॅ के छात्र व अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अनिल दुबे के समर्थक मौके पर आकर प्रतिरोध करने लगे। दोनों पक्ष देखते ही देखते एक दूसरे से भिड़ गए। जोरदार मारपीट शुरू हो गई। पूरा कैंपस अराजकता के हवाले हो गया। गाड़ियां तोड़ी जाने लगी। दोनों छात्रसमूह एक दूसरे को दौड़ा-दौड़ाकर मारने पीटने लगे।
देखते ही देखते कैंपस और कैंपस के बाहर बवाल शुरू हो गया। छात्र जुटने लगे। विवि में अचानक शुरू हुए बवाल से पुलिस हरकत में आ गई। मामला नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने भी दौड़ा-दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया। पुलिस के लाठीचार्ज के बाद छात्र तितर बितर हुए। इसके बाद शिक्षकों से दुव्र्यवहार और छात्रसंघ में बढ़ी अराजकता से आहत विवि शिक्षक संघ ने चुनाव में किसी प्रकार का असहयोग न करने का निर्णय ले लिया। शिक्षकों की चेतावनी के बाद देर शाम को विवि की सलाहकार समिति ने बैठक कर विवि में होने वाले छात्रसंघ चुनाव को ही स्थगित कर दिया।

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