
राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर में मंगलवार को स्थिरता दर्ज की गई। साथ ही कुआनो और गुर्रा का जलस्तर भी स्थिर रहा। वहीं घाघर का जलस्तर अब नीचे उतर रहा है। मंगलवार शाम 4 बजे राप्ती का जलस्तर 75.99 दर्ज किया गया वहीं कुआनो का 77.80 और गुर्रा नदी का 70.45 दर्ज किया गया है। जस्तर में स्थिरता के बावजूद नदियों के तेज बहाव में कई कमी नही आई है। कई स्थानों पर नदी की तेज धारा बांध से टकरा रही है। नदियों ने मंगलवार शाम तक जनपद के 64 गांवों को अपने चपेट में ले लिया है।
जिससे करीब 70 हजार की आबादी के साथ करीब 2427 हेक्टेयर भूमि प्रभावित है। गहीरा गांव के किसानों ने बताया कि बाढ़ आने से हर साल सैकड़ों एकड़ की फसल बर्बाद हो जाती है। उन्होंने बताया सड़कों को ऊंचा किया जाए तो बाढ़ आने की संभावना कम हो जाएगी। आवागमन के लिए लोग नाव का इस्तेमाल कर रहे हैं। बाढ़ के कारण पशुओं के चारे की भी दिक्कत होने लगी है। बाढ़ आ जाने पर आमतौर पर लोगों की दिनचर्या ही खराब हो जाती है। विपरीत परिस्थितियों में लोगों का साथ नाव ही देता है।
राहत की बात यह है कि सरयू नदी खतरे के निशान से लगातार नीचे आ रही है। वहीं राप्ती का जलस्तर तो स्थिर है लेकिन मंगलवार की तेज धूप और उमस ने बढग्रसित ग्रामवासियों को सताना शुरू कर दिया है। हालाकि प्रशासन गांवों पर नजर लगाए हुए है। अपर जिलाधिकारी (वि/रा) विनीत कुमार सिंह ने बताया की प्रभावित गांवों में राहत खाद्यान्न सामग्री के साथ महिलाओं और किशोरियों को डिग्निटी कीट वितरित किया जा रहा हैं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 14 टीम गठित किए गए हैं साथ ही पशु राहत शिविर भी लगाए गए हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ब्लॉक जंगल कौड़ियां के अंतर्गत बाढ़ ग्रसित ग्राम रघुनाथपुर एवम बुढेली में रोगियों के उपचार के साथ अवश्यक दावायें दीं ।
सहजनवां तहसील क्षेत्र के 6 गांव, तहसील सदर के 21, तहसील गोला के 13, चोरीचौरा के 3, तहसील खजनी के 8, कैंपियरगंज के 8, बांसगांव के 5 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
Published on:
17 Jul 2024 01:23 pm
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