
State women commission, 6500 cases pending in the state
इसे जागरूकता का अभाव कहें या प्रचार-प्रसार की कमी कि गोरखपुर में महिला उत्पीड़न और हिंसा से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए यूपी राज्य महिला आयोग की सदस्य इंतजार ही करती रह गईं और एक भी पीड़ित उनके पास फरियाद लेकर नहीं आई। आखिरकार, उन्होंने विभागीय समीक्षा की और आंकड़ों की बाजीगरी को जांच-परख आवश्यक निर्देश दे वापस जाना पड़ा। हालांकि, इस पर राज्य महिला आयोग की सदस्य संगीता तिवारी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए नियुक्त स्थानीय संस्थाएं अच्छा काम कर रही है, यह इसका प्रतीत है। महिलाओं को संबंधित जगहों पर ही न्याय मिल जा रहा इसलिए उनको उच्चतर स्तर पर आने की जरूरत ही नहीं पड़ रही।
गोरखपुर के सर्किट हाऊस में बुधवार को यूपी राज्य महिला आयोग की सदस्य संगीता तिवारी की अध्यक्षता में जनसुनवाई थी। महिलाओं की समस्याओं को सुनने के लिए 11 बजे का वक्त रखा गया था। लेकिन काफी इंतजार के बाद भी एक भी पीड़ित महिला/युवती वहां नहीं पहुंची। कोई परिजन तक कोई शिकायत लेकर नहीं आया।
सबसे महत्वपूर्ण यह कि गोरखपुर की ही रहने वाली राज्य महिला आयोेग की उपाध्यक्ष अंजू चैधरी भी इस जनसुनवाई में नहीं आईं जबकि वह शहर में ही थीं। हालांकि, श्रीमती चैधरी ने बताया कि वह शहर में थीं लेकिन उनके पास कोई सूचना नहीं थी। सूचना के अभाव में वह नहीं पहुंच सकीं। उन्होंने साफ कहा कि अगर उनके पास सूचना होती तो वह बैठक में जरूर पहुंचती।
सूचना नहीं दिए जाने के सवाल पर आयोग की सदस्य संगीता तिवारी का तर्क रहा कि उनको गोरखपुर समेत तीन जिले आवंटित किए गए हैं। उपाध्यक्ष महोदया किसी और जिले में काम देख रहीं होगी इसलिए उन्होंने उनको सूचित नहीं किया था।
महिला उत्पीड़न के मामले वाट्सएप 6306511708 पर करे शिकायत
राज्य महिला आयोग की सदस्या संगीता तिवारी ने महिलाओं से अपील किया कि अपनी शिकायत आयोग के वाट्सएप नम्बर 6306511708 पर 10 से 5 बजे के मध्य कर सकती है। आने वाली शिकायतों का संज्ञान लेकर जरूरी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला उत्पीड़न की वारदातों पर तत्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने आशा ज्योति केन्द्र, महिला समाख्या, जिला अस्पताल में महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
Published on:
20 Sept 2018 12:52 am
