एक दिन पहले ही खरीदी थी फार्चयूनर, भोर में भी कहीं जाने को निकले थे
गोरखपुर। पूर्वांचल में चर्चित दबंग विधायक वीरेंद्र प्रताप शाही के परिवार में दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्वर्गीय शाही के छोटे पुत्र विवेक प्रताप शाही की मार्ग दुर्घटना में मौत हो गई है। एक दिन पूर्व खरीदी गई फार्चयूनर से विवेक और उसके मित्र अमृत कहीं जा रहे थे। बस्ती के कलवारी थानाक्षेत्र में रामजानकी मार्ग पर गाड़ी अनियंत्रित हो गई। इस भीषण मार्ग दुर्घटना में विवेक और उसके दोस्त दोनों की जान चली गई। शनिवार की भोर में यह हादसा हुआ।
शहर के मोहद्दीपुर के रहने वाले विवेक प्रताप शाही अपनी नई गाड़ी से मोहल्ले में ही रहने वाले दोस्त अमृत राज सिंह के साथ कहीं जा रहे थे। संतकबीरनगर धनघटा की ओर से रामजानकी मार्ग कलवारी बस्ती की ओर अभी रूख किए थे कि कलवारी थानाक्षेत्र के पांउ चैराहा के पास बनहरा मोड़ पर गाड़ी अनियंत्रित हो गई। बताया जा रहा कि गाड़ी तेज गति में थी और कोई जानवर अचानक सामने आ गया। बचाते-बचाते गाड़ी सीधे पेड़ से जा टकराई। गाड़ी इतनी तेज गति में थी कि उसके परखच्चे उड़ गए। हादसे की जानकारी लोगों ने लोकल पुलिस को दी। गाड़ी में सवार विवेक और अमृत को बाहर निकाला गया। पास के अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। घर जब सूचना पहुंची तो चीख-पुकार मच गई।
पूर्वांचल में माफियाराज के उदय के साथ उभरे वीरेंद्र प्रताप शाही
पूर्वांचल में माफियाराज कभी हुआ करता था। पूर्व विधायक वीरेंद्र प्रताप शाही भी माफियाराज की ही उदय हैं। वीरेंद्र प्रताप शाही की एक जमाना था जब पूरे पूर्वांचल में तूती बोलती थी। गैंगवार का आलम यह था कि कब किस मोड़ पर गोलियों की तड़तड़ाहट होने लगे कुछ भी अंदाजा नहीं। कई बार विधायक रहे वीरेंद्र प्रताप शाही की हत्या लखनउ में 31 मार्च 1997 में हो गई थी। चर्चित माफिया श्रीप्रकाश शुक्ल ने वीरेंद्र प्रताप शाही को लखनउ में इंदिरानगर में गोलियों से छलनी कर दी थी।