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ताजमहल विवाद पर आहत वसीम बरेलवी, कहा- कैसे अपने होके कहते हो पराया मुझको

वसीम बरेलवी ने नज्म के माध्यम से ताजमहल को विवादित करने की राजनीति करने वालों पर किया वार ।

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Waseem Barelvi

वसीम बरेलवी

गोरखपुर. ताजमहल पर हो रही राजनीति से साहित्य जगत काफी आहत है। वैश्विक जगत को आकर्षित करने वाली इस प्रेम के प्रतीक को राजनैतिक स्वार्थ सिद्धि के लिए विवादित करने पर शायर वसीम बरेलवी ने अफ़सोस जताया है। उन्होंने कहा कि अपना होकर भी पराया बता देना बहुत दुख देता है। वसीम साहब गोरखपुर में एक साहित्यिक संस्था कुटुंब के कार्यक्रम के लिए आये थे। उन्होंने अपने नज्म के माध्यम से ताज विवाद पर अपनी पीड़ा बयां की।

वसीम बरेलवी ने ताज महल के विवाद पर कुछ इस तरीके से जवाब दिया... प्यार की बात जहां आई , दिखाया मुझको, चाहतों का बड़ा सरताज बताया मुझको, कौन दुनिया से देखने नहीं आया मुझको। उन्होंने आगे सुनाया... भारतीय होने का एहसास मेरे काम आया, विश्व के सात अजूबे में मेरा नाम आया। बैठे-बैठे ये हुआ क्या कि रुलाते हो मुझे, अपने ही देश में परदेस दिखाते हो मुझे। वसीम बरेलवी फिर कहते हैं... मुझको नजरों से गिराते हो तुम्हें क्या मालूम, अपने ही कद को घटाते हो तुम्हें क्या मालूम। गैर आंखों ने तो पलकों पर बिठाया मुझको, कैसे अपने हो के कहते हो पराया मुझको।

ताजमहल पर काफी दिनों से हो रही बयानबाजी

ताजमहल पर राजनैतिक विवाद काफी दिनों से चल रहा। ताजा मामला प्रदेश की योगी सरकार द्वारा जारी पर्यटन बुकलेट में ताजमहल को शामिल नहीं किये जाने से उत्पन्न हुआ। इसके बाद हो हल्ला मचा ही था कि बीजेपी विधायक संगीत सोम ने ताजमहल विवादास्पद बयान देकर मामले में विपक्ष को भी कूदने का पूरा मौका दे दिया। इसके बाद ओबैसी, आज़म खान आदि भी इस विवाद में कूद पड़े। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ताजमहल पर सरकार का स्टैंड देना पड़ा। इसके बाद प्रदेश सरकार ने 2018 के अपने हेरिटेज कैलेंडर में भी ताजमहल को जगह देनी पड़ी। जब पर्यटन बुकलेट में ताज को नहीं मिली जगह मुख्यमंत्री ने दी थी सफाई बीते दिनों उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन बुकलेट में ताजमहल को जगह नहीं मिली थी। उत्तर प्रदेश में ताजमहल सबसे अधिक राजस्व देने वाला पर्यटन केंद्र है। देश- विदेश से लाखों लोग ताज देखने आते हैं। यूनेस्को की सूची में भी ताजमहल को जगह मिली हुई है। ताजमहल को पर्यटन बुकलेट में जगह नहीं मिलने से काफी हो हल्ला मचा था। सरकार को इसके लिए सफाई तक देनी पड़ी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों खुद कहा था कि ताजमहल के लिए अलग से 379 करोड़ की कार्ययोजना बनाई गई है। वर्ल्ड बैंक इसके लिए धन जारी करने वाला है इस लिए इसको पर्यटन बुकलेट से अलग रखा गया था। इस बुकलेट में उन स्थानों का जिक्र है जिनका एक साथ विकास किया जाएगा। ताजमहल के लिए विशेष बजट वर्ल्ड बैंक दे रहा।

कलंक कथा को निकालने का काम हो रहा: संगीत सोम

कुछ लोगों को दर्द हुआ कि आगरा का ताजमहल ऐतिहासिक स्थलों में से निकाल दिया गया है। कैसा इतिहास, कहां का इतिहास कौन सा इतिहास। उसको बनाने वाला हिंदुओं का सफाया करना चाहता था।ऐसे लोगों का नाम अगर इतिहास में होगा तो ये दुर्भाग्य की बात है। मैं गारंटी के साथ आपसे कहता हूं इतिहास बदला जाएगा। इतिहास बदल रहा है। पिछले बहुत सालों में देश और उत्तर प्रदेश में जो इतिहास बिगाड़ने का काम हुआ है, आज हिन्दुस्तान और उत्तर प्रदेश की सरकार उस इतिहास को किताबों में लाने का काम कर रही है। हमारी सरकार राम से लेकर महाराणा प्रताप और शिवाजी तक का इतिहास किताबों में लाने का काम कर रही है। और जो कलंक कथा किताबों में लिखी गई है, वो चाहे अकबर के बारे में हो, औरंगजेब के बारे में हो, चाहे बाबर हो उनके इतिहास को निकालने का काम कर रही है सरकार।

गुलामी की निशानियों को गिरा देनी चाहिए: आज़म खान

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान ने ताज के विवाद पर तंज कसते हुए कहा था कि मैं तो पहले ही कह चुका हूं कि उन सभी इमारतों को गिरा देनी चाहिए जिससे गुलामी की बू आती है, अकेले ताजमहल की क्यों? संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, क़ुतुबमीनार, लालकिले को भी गिरा देना चाहिए। आज़म यहीं नहीं रुके उन्होंने सीधे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को घेरते हुए कहा था कि मैं तो छोटे बादशाह से कहा कि आप आगे बढिये, हम आपके साथ हैं। आप पहला फावड़ा चलाइये दूसरा हम चलाएंगे। पूरे देश में आपकी पार्टी का कब्ज़ा है, अब नहीं करेंगे तो कब।

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