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UP CM Yogi: CM योगी कान में क्यों पहनते हैं अष्ट धातु का कुंडल, क्या है इसकी मान्यता ?

UP CM Yogi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कान में अष्ट धातु कुंडल पहनते हैं। गोरखनाथ मंदिर में नाथ संप्रदाय को मानते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसी मठ के मठाधीश हैं।

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सीएम योगी आदित्यनाथ ने रक्षा बंधन के त्योहार पर यूपी रोडवेज की बसों में बहनों के लिए फ्री यात्रा का ऐलान किया है।

UP CM Yogi: गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर है। नाथ संप्रदाय को मानने वाले लोगों की आस्‍था का केंद्र है। देश के अलावा विदेश से भी लोग गोरखपुर घूमने आते हैं। गोरखपुर के अन्य म‌ंदिरों में नारंगी या भगवा कुर्ता पजामा पहनकर पुजारी पूजा पाठ करते हैं। गोरखनाथ मंदिर में पहुंचने के बाद यहां के योगी को देखते ही आप नाथ संप्रदाय की पहचान कर सकेंगे। यहां पर मौजूद हर योगी के कान में कुंडल होता है और यह अनिवार्य है।


कान में कुंडल है योगी की पहचान
ऐसी मन्यता है कि ‘शिव है तो योग है’, ‘योग है तो योगी है’, ‘योगी है तो शक्तियां हैं’। इन्हीं शक्तियों से शुरू हुआ नाथ पंथ। इस पंथ का भगवान शिव से गहरा जुड़ाव है। कहा जाता है गुरु गोरखनाथ भी भगवान शिव का ही अवतार है। गोरखनाथ मंदिर में पहुंचने के बाद वहां के पुजारी योगी सोमनाथ नेे बताया, “योगी बनने के लिए कानों में कुंडल होना सबसे जरूरी है। योगी के कानों में कुंडल के साथ ऊपर से नीचे तक कान भी काटे रहते हैं और कानों में बड़े-बड़े छेद रहते हैं।”


कान छेदने की प्रक्रिया सबसे खास
योगी सोमनाथ ने आगे बताया, “नाथ बनने के लिए कान छेदने की प्रक्रिया सबसे खास होती है। कान फाड़ने का मतलब कष्ट सहन की शक्ति होती है। नाथ संप्रदाय में कान में बाली पहनने के लिए सबसे पहले एक खास पोजीशन में बैठना होता है। फिर कान को छेदा नहीं जाता बल्कि, चीरा जाता है। चीरने के बाद उस पर भभूत लगा देते हैं।”


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