गोरखपुर

महिलाओं को निरोगी और स्वस्थ बनाए रखने के लिए लगा योग शिविर, कई योगासनों की दी गई जानकारी

आज की व्यस्त जीवनशैली में महिलाएं खुद का ख्याल रखना भूल जाती हैं। चाहे वो घर संभालने वाली गृहिणी हों या नौकरीपेशा महिलाएं, हर किसी के लिए योग एक ऐसा साधन है जो उन्हें मानसिक शांति और शारीरिक शक्ति दोनों प्रदान करता है।

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Jun 02, 2025

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर, के महिला अध्ययन केंद्र , द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025,”yoga for one earth ,one health” के संकल्प को साकार करते हुए योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसका विषय "योगा फॉर वूमेन हेल्थ इन हीरापुरी कॉलोनी" रहा।

दैनिक जीवन में योग के महत्व पर दी गई जानकारी

जिसका उद्देश्य महिलाओं—विशेष रूप से कामकाजी और गृहिणी महिलाओं—के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना था। जिसमें 28 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। सुबह 6 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक नीलम और विंध्यवासिनी ने महिलाओं को प्राणायाम, सूक्ष्म व्यायाम, ध्यान और विभिन्न योगासन सिखाए। जिसमें विशेष रूप से मेनोपॉज़ से गुजर रहीं महिलाओं के लिए कुछ विशिष्ट योग अभ्यासों को शामिल किया गया। योगाभ्यास के बाद महिलाओं को पोषण, तनाव प्रबंधन और दैनिक जीवन में योग के महत्व पर भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत ओम के उच्चारण के साथ की गई और अंत में गायत्री मंत्र का उच्चारण करवाए गया l

महिलाओं के लिए विशेष योगासन

महिलाओं के लिए प्रमुख योगासन जो सिखाए गए:
ताड़ासन (Palm Tree Pose), भुजंगासन (Cobra Pose), वज्रासन (Thunderbolt Pose), बालासन (Child Pose) वृक्षासन सिद्धासन, सुखासन, सर्वांगासन, ककपालभाति, भ्रामरी प्राणायाम, सिंहासन, अग्निसार क्रिया, सूर्य नमस्कार, कती चक्रासन, पूर्ण चक्रासन, अर्ध चक्रासन, भस्मिका और अनुलोम-विलोम प्राणायाम सम्मिलित थे। इसके साथ ही सौंदर्य को बढ़ाने के लिए योगासन जैसे उत्तानासन, पद्मासन, गरुड़ासन, धनुरासन, चक्रासन और फेशियल योगासन- नेक रोल, मत्स्यसान, गर्दन झुकाना, बलून पोज, आई सर्किल, च्युइंग मोशन आदि कराया गया l

मेनोपॉज़ के लिए विशेष योगासन

सेतु बंधासन (Bridge Pose) (हार्मोन संतुलन में मदद करता है और पीठ दर्द को कम करता है), बद्ध कोणासन (Butterfly Pose) (रजोनिवृत्ति के लक्षणों को नियंत्रित करता है।), उष्ट्रासन (Camel Pose)(थायरॉइड ग्रंथि को उत्तेजित करता है और शरीर में ऊर्जा लाता है।), शवासन (Corpse Pose)-भावनात्मक अस्थिरता को नियंत्रित करता है।पीठ दर्द की समस्या के लिए आसन मकरासन, सेतुबंध आसन, शालाभासन, और भुजंगासन आदि।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को नियमित योग अभ्यास जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया। महिलाओं ने आयोजन की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन की मांग की।कार्यक्रम में गृह विज्ञान विभाग की शोधार्थी काजोल आर्यन, शिवांगी मिश्रा , कीर्ति एवं अर्चिता चौरसिया उपस्थित रही।

Published on:
02 Jun 2025 11:25 am
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