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गोरखपुर

सीएम योगी आदित्यनाथ पहले भी तोड़ चुके हैं नवरात्रि पर गोरखनाथ मंदिर की यह परंपरा

नवरात्र पर गोरक्षपीठाधीश्वर के पूरे नौ दिनों तक गोरखनाथ मंदिर में रहने की परंपरा को पहले भी तोड़ चुके हैं परंपरा।

गोरखपुरSep 21, 2017 / 04:37 pm

रफतउद्दीन फरीद

Yogi Adityanath Appear in Gorakhnath Temple Navratri Pooja

योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर नवरात्रि पूजा में होंगे शामिल

धीरेन्द्र विक्रमादित्य गोपाल

गोरखपुर. यह पहला मौका नहीं है जब गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने नवरात्रि के दौरान मंदिर से निकलने की परंपरा को तोड़ी है। मुख्यमंत्री बनने के पूर्व भी वह जनता के लिए मंदिर की परंपरा को तोड़ चुके हैं।

बात 2014 की है। गोरखपुर में नंदानगर रेलवे क्रासिंग के पास बड़ा रेल हादसा हो गया था। बरौनी एक्सप्रेस व कृषक एक्सप्रेस आपस में टकरा गई थी। इस हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई थी जबकि पचास से अधिक लोग घायल हुए थे। कई बोगियां पलट गई थी। चारों तरफ चीख पुकार मच गई थी। गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल, मेडिकल काॅलेज लाया जा रहा था।

उस वक्त शारदीय नवरात्रि चल रही थी। गोरक्षपीठ के योगी आदित्यनाथ पूरे विधि-विधान से नवरात्रि की पूजा में लगे थे, मंदिर में दशहरा की तैयारियां जोरों पर थी। परंपरा के अनुसार योगी आदित्यनाथ नौ दिन व्रत तो रहते ही थे, पूजा के दौरान नौ दिनों तक मंदिर से बाहर नहीं निकलते। दशमी के दिन भव्य शोभा यात्रा के लिए वह निकलते थे। इस दौरान अपने भवन से नीचे भी बहुत कम बार आते और किसी विशेष स्थिति में ही लोगों से मिलते। लेकिन ट्रेन हादसे ने योगी को विचलित कर दिया। हादसे में घायल लोगों व शोक संतप्त परिवारीजनों से मिलने के लिए उन्होंने मंदिर से बाहर निकलने की उस परंपरा को पहली बार तोड़ दी। वह व्रत के दौरान ही घायलों से मिलने बीआरडी मेडिकल काॅलेज पहुंचे। उनका हालचाल लिया। आवश्यक निर्देश दिए। काफी वक़्त उन्होंने मेडिकल कॉलेज में बिताया।
इस बार मुख्यमंत्री बनने के बाद भी गोरक्षपीठ की यह परंपरा टूट रही। इस बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व्रत तो रहेंगे लेकिन विशेष अवसरों पर ही मंदिर में अपनी मौजूदगी दर्ज करा सकेंगे। नौ दिनों तक मंदिर में होने वाली पारंपरिक पूजा को प्रधान पुजारी कमलनाथ महंत योगी आदित्यनाथ के प्रतिनिधि के रूप में कराएंगे। पूजा कराने के लिए पुरोहित पंडित रामानुज त्रिपाठी व उनके सहयोगी पूर्व की भांति रहेंगे।
केवल पहले दिन व आखिरी दो दिन रहेंगे गोरक्षपीठाधीश्वर
मंदिर व्यवस्थापकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गोरक्षपीठाधीश्वर इस बार व्रत तो नौ दिन रहेंगे लेकिन मंदिर में केवल पहले दिन व आखिरी के दो दिन रह पाएंगे। पहले दिन योगी आदित्यनाथ शक्ति मंदिर में कलश स्थापित कराएंगे। कलश स्थापना के पश्चात अगले दिन वह मंदिर से रवाना हो जाएंगे। फिर 29 सितंबर को उनका आगमन होगा। उस दिन कन्यापूजन व अन्य पूजा संपन्न कराई जाएगी। 30 सितंबर को मंदिर में पारंपरिक पूजा के बाद शोभा यात्रा निकलेगी जो मानसरोवर मंदिर पर पहुंचेगी। वहां पूजा के बाद वह परंपरानुसार अंधियारीबाग के रामलीला को शुरू कराएंगे। फिर वापस मंदिर अन्य विधियों को संपन्न कराने पहुंचेगे।
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