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खुले सेेप्टिक टैंक में गिरने से ढाई साल के बच्चे की हुई मौत

परिजनों का आरोप- प्रशासन की लापरवाही से हुई है ये घटना

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Septic tanks

Septic tanks

ग्रेटर नोएडा. स्वचछ भारत अभियान किस तरह सफल हो रहा है, इसका ताजा उदारहण बानगी जारचा एरिया के रघुवीरगढी गांव में देखी जा सकती है। खुले सेेप्टिक टैंक में गिरने से एक ढ़ाई साल के मासूम की मौत हो गई। परिजनों की मानें तो मौत की वजह प्रशासन है। प्रशासन की तरफ से टैंक तो बना दिया गया, लेकिन दूसरी किस्त नहीं दी गई जिसकी वजह से सेेप्टिक टैंक बनाने का आगे का कार्य पूरा नहीं हो पाया था। टैंक के खुले रहने के कारण गिरने से मासूम की मौत हो गई।

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नरेंद्र मोदी ने पीएम बनने के साथ ही स्वच्छ भारत का नारा दिया। साथ ही खुद भी झाडू उठाई थी। खुले में शौच से मुक्त करने के लिए घर-घर टॉयलेट बनाने की भी योजना को गति दी थी। लेकिन यहीं ढ़ाई साल के बच्चे भीम की मौैत की वजह बन गई। दरअसल में ब्लॉक की तरफ से कुलदीप के पड़ोसी के यहां टैंक बनाया जा रहा था। कुलदीप ने बताया की पड़ोसी को 6 हजार रुपये की एक किस्त जारी हो गई थी। जिसमें उन्होंने सेप्टिक टैंक बनवाया था, लेकिन दूसरी किस्त जारी नहीं हुई थी। कुलदीप का ढाई साल का बेटा भीम खेलता हुआ टैंक के पास पहुंच गया। उसी दौरान वह टैंक में जा गिरा। जिससे उसकी मौत हो गई।

मौत का जिम्मेदार प्रशासन

परिजनों का आरोप है कि बच्चे की मौत का जिम्मेदार प्रशासन है। दादरी ब्लॉक की तरफ से बॉथरुम बनाने के लिए पहली किस्त के तौर पर 6 हजार रुपये दिए गए थे, लेकिन दूसरी किस्त नहीं दी गई। परिजनों ने बताया कि सेप्टिक टैंक बनने के बाद में प्रशासन के अधिकारियों को अवगत कराया गया था। उसके बाद भी प्रशासन ने एक नहीं सुनी और यह हादसा हो गया। पीड़ितों ने मामले की तहरीर पुलिस को दी है।